Bokaro News: बेरमो प्रखंड के कोनार नदी स्थित कर्माटांड़ घाट पर कथित तौर पर अवैध पत्थर खनन और धुलाई का कारोबार चलने का मामला सामने आया है. ग्रामीणों का आरोप है कि नदी से अवैध तरीके से पत्थर निकाला जा रहा है और घाट पर ही मशीनों के जरिए उसकी धुलाई की जा रही है. इसके बाद पत्थरों को ट्रैक्टर और हाइवा के माध्यम से क्रेशरों तक भेजा जा रहा है.
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स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, कर्माटांड़ घाट पर दिन-रात मशीनें चलती रहती हैं और भारी वाहनों की आवाजाही लगी रहती है. ग्रामीणों का कहना है कि लगातार खनन के कारण नदी का किनारा क्षतिग्रस्त हो रहा है. पत्थर की धुलाई के कारण कोनार नदी का पानी भी मटमैला हो गया है.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कथित अवैध खनन के कारण सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है. लगातार खनन जारी रहने से नदी के पर्यावरण और अस्तित्व पर भी असर पड़ने की आशंका ग्रामीण जता रहे हैं.
ग्रामीणों ने घाट पर रात में कथित तौर पर ब्लास्टिंग किये जाने का भी आरोप लगाया है. उनका कहना है कि रात करीब 10 बजे के बाद विस्फोट की आवाज सुनाई देती है. ब्लास्टिंग के दौरान होने वाले कंपन से आसपास के घरों में भी परेशानी होती है और लोगों में दहशत का माहौल रहता है. ग्रामीणों का कहना है कि खनन और भारी वाहनों की आवाजाही रात में भी जारी रहने से उनकी परेशानी बढ़ गयी है.
ग्रामीणों के मुताबिक, कर्माटांड़ घाट पर कथित अवैध खनन की शिकायत दो बार लिखित रूप से अंचल कार्यालय और खनन विभाग से की जा चुकी है. इसके बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है.
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से कर्माटांड़ घाट का स्थलीय निरीक्षण कराने, खनन गतिविधियों की जांच करने और यदि अवैधता पायी जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.
इस संबंध में जिला खनन अधिकारी से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी. वहीं बेरमो एसडीओ मनोज कुमार ने कहा कि वह फिलहाल रांची में हैं. लौटने के बाद मामले में जानकारी लेकर बात करेंगे. ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द स्थल निरीक्षण कर कर्माटांड़ घाट पर चल रही कथित खनन गतिविधियों की जांच कराने की मांग की है.
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