Ranchi: आईएमए झारखंड राज्य इकाई ने अपनी बैठक में आईएमए जेडीएन झारखंड द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का निर्णय लिया है. यह आंदोलन सीनियर रेसिडेंट और इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड संशोधन की मांग को लेकर चल रहा है.
आईएमए झारखंड ने कहा कि स्टाइपेंड संशोधन की मांग पूरी तरह वैध है और लंबे समय से लंबित है. बढ़ती महंगाई और चिकित्सा सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए स्टाइपेंड संरचना का समय-समय पर पुनरीक्षण जरूरी है. हर तीन वर्ष में संशोधन का प्रस्ताव व्यावहारिक बताया गया है, जिससे पारदर्शिता और स्थिरता बनी रह सके.
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संस्था ने आईएमए जेडीएन झारखंड के शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन का भी समर्थन किया है. इसके तहत राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में हर सोमवार को ब्लैक बैज पहनकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, ताकि अधिकारियों का ध्यान जूनियर डॉक्टरों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया जा सके.
आईएमए झारखंड ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि संबंधित अधिकारी समयबद्ध और संतोषजनक समाधान नहीं देते हैं, तो 6 अप्रैल 2026 से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल का भी समर्थन किया जाएगा. जेएसएचएसए ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए चिकित्सा समुदाय के हित में एकजुटता दिखाई है.
आईएमए झारखंड ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल और संवेदनशील कार्रवाई की जाए, ताकि समस्या का शांतिपूर्ण समाधान निकल सके और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों.
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग, आईएमए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ धन्वंतरि तिवारी, अध्यक्ष डॉ अरुण कुमार सिंह, सचिव डॉ प्रदीप कुमार सिंह और ट्रेजरर डॉ बी पी कश्यप ने इस निर्णय की जानकारी दी.



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