Ranchi News: भक्ति और आस्था का संगम दुर्गोत्सव धूमधाम से संपन्न हो गया. राजधानी के पूजा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा के असाला अन्य देवताओं की मूर्ति का तालाबों में विसर्जन किया गया. इससे पहले पूजा समितियों के द्वारा पूजा स्थल पर विधि विधान से पूजा पाठ की गई. भक्तों ने पूजा स्थल से वाहन में लोड कर मां दुर्गा,लक्ष्मी,सरस्वती,गणेश और भगवान कार्तिकेय की मूर्ति नाचते-गाते बड़ा तालाब, चडरी तालाब, अरगोड़ा तालाब, जगन्नाथ तालाब समेत अन्य जलाशयों तक लाए.
यहां भक्तों द्वारा सभी प्रतिमाओं की सामूहिक रूप से प्रार्थना की गई. देवी-देवताओं को आरती उतारी गई. फूल माला पहनाई गई. भजन एवं भक्ति गीत गाए गए. सभी प्रतिमाओं के जयकारे लगाए गए. इस मौके पर भक्तों ने घर परिवार में खुशहाली बनी रहे इस कामना के साथ मूर्ति विसर्जन किया गया. भक्तों ने मां को पुकारा और फिर आना मां की प्रार्थना की.
चिन्हित तालाबों में किए गए करीब 1000 प्रतिमाओं का विसर्जन
पूजा समितियों के द्वारा इसबार दुर्गा पूजा पंडाल शहर में करीब 176 पंडाल बनाए गए थे. इन सभी पूजा पंडालों में मां दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश और भगवान कार्तिकेय की प्रतिमाओं को पूजा पंडालों में स्थापित किए गए थे. प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए सभी समितियों के लिए अलग-अलग तालाब चिन्हित की गई थी. नगर निगम द्वारा चिन्हित तालाबों में करीब 1000 मिट्टी से बने प्रतिमाओं को विधि विधान से तालाबों में विसर्जन की गई.
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भक्तों की सुरक्षा के लिए लगाए गए एनडीआरएफ की टीम
दुर्गा पूजा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा के विभिन्न रुपों को तालाबों में विसर्जन के लिए करीब सभी तालाबों में जिला प्रशासन द्वारा एनडीआरएफ टीम तैनात किए गए थे. प्रतिमा विसर्जन करने वाले लोगों पर प्रशासन की नजर है. इसके अलावा नगर निगम की टीम भी तैनात रही. मूर्तियों को तालाब से बाहर निकालने के लिए नगर निगम हमेशा अलर्ट रही. तालाब को साफ बनाए रखने के लिए सफाई कर्मी भी मौजूद रहे.
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