Chennai : मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने आज सोमवार को हिरासत में मौत (कस्टोडियल किलिंग) मामले में एक अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के सथानकुलम कस्टोडियल किलिंग केस में दोषी करार दिये गये 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है.
मदुरै की प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने पिता-पुत्र की हिरासत में हुई मौत मामले में सभी 9 पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया था. इस कस्टोडियल किलिंग मामले में छह साल बाद फैसला आया है.
जानकारी के अनुसार साल 2020 में हिरासत में पिता-पुत्र की मौत हो गयी थी. थाने की पुलिस पर पिता-पुत्र को अमानवीय टॉर्चर करने का आरोप लगा था. उच्च स्तरीय जांच में पुलिस की बर्बरता और सबूत मिटाने की कोशिश उजागर हुई थी.
जून 2020 में लॉकडाउन के दौरान व्यापारी पी जयराज और उनके बेटे जे बेनिक्स को दुकान देर तक खोलने के आरोप में पुलिस ने पकड़ा था. आरोप है कि थाने में दोनों पिता पुत्र को रात भर बेरहमी से मारा पीटा गया. भीषण यातना दी गयी.
आरोप है कि हालत गंभीर होने के बावजूद उनका इलाज नहीं कराया गया .उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. कुछ दिन के अंदर ही दोनों की मौत हो गयी. इस मामला चर्चा में आते ही राज्य में बवाल मच गया.
रिश्तेदारों ने आरोप लगाया था कि दोनों को लाठियों से ब्रेरहमी से पीटा गया था. एक महिला कांस्टेबल ने गवाही दी थी कि थाने स में टेबल और लाठियों पर खून के निशान थे.
मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने मामले को अपने हाथ में लिया था. सीबीआई ने 10 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार लोगों में इंस्पेक्टर एस श्रीधर, सब इंस्पेक्टर पी रघु गणेश, के बालकृष्णन, हेड कांस्टेबल एस मुरुगन, ए सामीदुरई सहित अन्य कांस्टेबल शामिल थे. एक आरोपी की जांच के दौरान कोविड से मौत हो गयी थी.
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