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एलपीजी संकट पर अहम खबर, 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर में 10 किलो गैस भरकर देने पर मंथन

  • सिलेंडरों पर नये स्टिकर लगा कर उनकी कीमत वजन के अनुपात में कम कर दी जायेगी.
  • 10 किलोग्राम का सिलेंडर लगभग एक माह तक चल सकता है.
  • भारत एलपीजी जरूरत का 60 फीसदी हिस्सा आयात से पूरा करता है

New Delhi :  देश में जारी एलपीजी संकट को लेकर अहम खबर आयी है. देश में एलपीजी का स्टॉक घटता जा रहा है. इसे ध्यान में रखते हुए सरकारी तेल कंपनियां (OMCs) अब 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर में 10 किलो गैस भरकर देने पर मंथन कर रही है.

 

सूत्रों के अनुसार इस रणनीति से गैस अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंच सकती है.  दरअसल अमेरिका-इजरायल ईरान जंग के कारण Strait of Hormuz से आवाजाही बाधित हो गयी है.

 

इस कारण देश तेल और गैस की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है. आम जनता हलकान है. उनके घरों के चूल्हे बंद हो रहे हैं,कंपनियों केअनुमान के अनुसार, 14.2 किलोग्राम का एक सिलेंडर औसतन 35–40 दिनों तक चल जाता है,  वहीं, 10 किलोग्राम का सिलेंडर लगभग एक माह तक चल सकता है.

 

माना जा रहा है कि इस कटौती से बचने वाली गैस से उन घरों की मांग पूरी की जा सकेगी, जिनके सिलेंडर खत्म होने वाले है. बताया जा रहा है कि यदि यह योजना लागू की जाती है तो LPG  सिलेंडरों पर नये स्टिकर लगा कर उनकी कीमत वजन के अनुपात में कम कर दी जायेगी.  .

 

अहम बात यह है कि भारत एलपीजी जरूरत का 60 फीसदी हिस्सा आयात से पूरा करता है. एलपीजी की 90फीसदी आपूर्ति खाड़ी देशों से होती है. वर्तमान में गल्फ वार के कारण एलपीजी आपूर्ति चैन पूरी तरह से बाधित है.

 

पिछले सप्ताह गैस के महज दो टैंकर ही भारत पहुंचे. इनमें कुल 92,700 टन एलपीजी थी. जबकि रोज 93,500 टन की खपत देश में है.जानकारी के अनुसार  वर्तमान  समय में भारत के झंडे वाले छह एलपीजी टैंकर फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं.

 

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