Jharkhand News : झारखंड में रेल यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) के थाना, आउटपोस्ट (ओपी) और पुलिस पोस्ट (पीपी) की सूरत बदलने की तैयारी है. लंबे समय से जर्जर भवनों, हाजत, मालखाना और बैरक जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रही रेल पुलिस इकाइयों को बेहतर बनाने की दिशा में पहल शुरू की गई है. इसके तहत कहीं पुराने भवनों की मरम्मत होगी, तो कहीं नए थाना भवन और बैरक बनाए जाने की तैयारी है. उद्देश्य रेल पुलिस के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्यस्थल उपलब्ध कराना है.
झारखंड में वर्तमान में 23 राजकीय रेल थाना, 5 रेल ओपी और 10 रेल पुलिस पोस्ट हैं. इन इकाइयों के माध्यम से रेलवे स्टेशनों और रेल परिसरों में होने वाले अपराधों की रोकथाम, यात्रियों की सुरक्षा, आपराधिक मामलों की जांच और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाई जाती है. लेकिन कई स्थानों पर रेल पुलिस के लिए उपलब्ध भवनों की स्थिति अच्छी नहीं है. कहीं पुराने और जर्जर भवनों में थाना संचालित हो रहे हैं, तो कहीं पुलिसकर्मियों के रहने और जरूरी सामान रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है.
कहीं पुराने भवनों की मरम्मत, तो कहीं होगा नया निर्माण
रेल पुलिस के जिन थाना, ओपी और पीपी के भवनों की स्थिति जर्जर है, वहां मरम्मत और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जा रही है. जिन स्थानों पर बैरक नहीं हैं, वहां बैरक निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजने की तैयारी है. वहीं, जिन स्थानों पर बैरक की स्थिति खराब है, उसके संबंध में संबंधित मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है. कई स्थानों पर नए थाना भवनों का निर्माण भी किया गया है. अब जरूरत के अनुसार अन्य स्थानों पर भी नए निर्माण और पुराने भवनों के सुधार की दिशा में काम आगे बढ़ाने की तैयारी है.
अमृत भारत योजना के तहत रेलवे स्टेशनों के विकास के साथ रेल पुलिस के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है. नए भवनों के निर्माण और पुराने भवनों की मरम्मत से रेल पुलिस को बेहतर कार्यस्थल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. हालांकि, सभी थाना, ओपी और पीपी में होने वाले निर्माण कार्यों की अलग-अलग समयसीमा और बजट का विस्तृत ब्योरा सामने आना बाकी है.
हाजत और मालखाना की कमी भी बड़ी चुनौती
जीआरपी के कई थानों में बुनियादी सुविधाओं की कमी लंबे समय से चिंता का विषय रही है. हाजत की समुचित व्यवस्था नहीं होने पर गिरफ्तार आरोपियों को सुरक्षित रखने में परेशानी होती है. वहीं, मालखाना की सुविधा नहीं होने से चोरी, लूट और अन्य आपराधिक मामलों में बरामद सामान को सुरक्षित रखना चुनौती बन जाता है. ऐसे में थाना भवनों के विकास के साथ हाजत और मालखाना जैसी जरूरी सुविधाओं को भी बेहतर बनाने की जरूरत है.
इसके अलावा पुलिसकर्मियों के लिए बैरक, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण है. कई स्थानों पर पर्याप्त आवासीय व्यवस्था नहीं होने के कारण जवानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. नए बैरक के निर्माण और पुराने बैरक की मरम्मत से इस समस्या को दूर करने में मदद मिल सकती है.
रेल मुख्यालय में हुई बैठक, सुविधाएं बेहतर करने पर जोर
रेल पुलिस की आधारभूत संरचना और बुनियादी सुविधाओं को लेकर झारखंड रेल मुख्यालय में बैठक आयोजित की गई. रेल डीजी अनिल पाल्टा के निर्देश पर हुई बैठक की अध्यक्षता आईजी माइकल राज एस ने की. बैठक में धनबाद रेल एसपी, जमशेदपुर रेल एसपी, डीएसपी और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए. बैठक में रेल पुलिस के थाना भवनों, बैरक और अन्य जरूरी सुविधाओं की स्थिति पर चर्चा की गई.
रेल थानों, ओपी और पुलिस पोस्ट के भवनों को बेहतर बनाने की यह पहल ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी जीआरपी पर होती है.
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