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झारखंड में कहीं दिखा होली की खुशियों का रंग, तो कहीं पसरा रहा मातम

अपराध का स्कैच AI द्वारा तैयार किया हुआ

Ranchi: झारखंड में होली का त्योहार एक ओर रंग, उमंग और खुशियों के साथ मनाया गया, वहीं दूसरी ओर कई जगहों पर अपराध और हादसों की घटनाओं ने त्योहार की खुशियों को मातम में बदल दिया. राज्य के अलग-अलग जिलों से हत्या, आत्महत्या, सड़क दुर्घटना, मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाएं सामने आईं. जिससे कई परिवारों में अचानक मातम पसर गया. जानते हैं उन घटनाओं को.

 

पलामू में जमीन विवाद में बुजुर्ग की हत्या

पलामू जिला के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के हीरा सिकनी गांव में जमीन विवाद ने खूनी रूप ले लिया. यहां 70 वर्षीय बुजुर्ग विश्वनाथ रजवार की टांगी से काटकर हत्या कर दी गई. घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया, जबकि इस मामले में एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था.

 

रांची में आरोपी ने हाजत में की आत्महत्या

रांची के नामकुम थाना में एक सनसनीखेज घटना सामने आई. यहां 12 वर्षीय बच्चे के अपहरण और हत्या के आरोपी ने पुलिस हाजत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया था. बुधवार देर रात उसने हाजत में ही फंदा लगाकर जान दे दी. घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

गुमला में 24 घंटे में तीन मौत

गुमला जिला में 24 घंटे के अंदर तीन अलग-अलग घटनाओं में मौत होने से लोग स्तब्ध रह गए. पहली घटना भरनो थाना क्षेत्र की है, जहां एक 16 वर्षीय किशोर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. दूसरी घटना में बेलगांव क्षेत्र में 26 वर्षीय युवक ने भी फांसी लगाकर जान दे दी. वहीं तीसरी घटना कुलाबीरा इलाके की है, जहां एक व्यक्ति कुएं में गिर गया और उसकी मौत हो गई. पुलिस तीनों मामलों की जांच कर रही है, हालांकि प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या और दुर्घटना की आशंका जताई जा रही है.

बोकारो में दो शव मिलने से मचा हड़कंप

बोकारो जिला में अलग-अलग स्थानों से दो शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. मृतकों की पहचान और मौत के कारणों को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं. स्थानीय लोगों ने घटना के विरोध में सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मामले की जांच जारी है.

 

जमशेदपुर में युवक ने जहर खाकर दी जान

जमशेदपुर के सीतारामडेरा क्षेत्र में एक युवक ने कीटनाशक खाकर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि युवक दिव्यांग था और लंबे समय से मानसिक तनाव में चल रहा था. घटना के बाद परिवार में मातम छा गया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर यूडी केस दर्ज कर लिया है.

 

अन्य जिलों में भी सामने आई घटनाएं

होली के दौरान राज्य के कई अन्य जिलों में भी अपराध और विवाद की घटनाएं सामने आईं. सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर इलाके में वर्चस्व को लेकर गोलीबारी की घटना हुई. पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में उत्पाद विभाग की छापेमारी टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया, जिसमें एक अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया. धनबाद में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी झड़प हो गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए.
गढ़वा और गुमला में आपसी विवाद को लेकर मारपीट की घटनाएं सामने आईं. गिरिडीह और देवघर में चोरी और छिनतई की घटनाएं हुईं.

 

त्योहार के दौरान अपराध बढ़ने की चिंता

जानकारों का मानना है कि होली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान कई बार शराब सेवन और आपसी विवाद के कारण झगड़े और अपराध की घटनाएं बढ़ जाती हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन और पारिवारिक विवाद भी अक्सर हिंसक रूप ले लेते हैं. इस बार भी कई घटनाओं में यही कारण सामने आया है.

 

पुलिस ने बढ़ाई सतर्कता

राज्य के विभिन्न जिलों में पुलिस ने त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया. कई स्थानों पर विशेष गश्ती दल तैनात किए गए थे, ताकि किसी भी तरह की घटना को रोका जा सके. इसके बावजूद कुछ घटनाएं सामने आने से पुलिस की चुनौतियां भी उजागर हुई हैं.

 

खुशियों के बीच दर्द की कहानी

होली का त्योहार जहां रंग और खुशियों का प्रतीक माना जाता है, वहीं इस बार झारखंड के कई परिवारों के लिए यह दिन दर्द और दुख लेकर आया. कहीं हत्या से परिवार उजड़ गया, कहीं आत्महत्या से घर में मातम छा गया, तो कहीं दुर्घटनाओं ने खुशियों को छीन लिया. दो दिनों के भीतर सामने आई घटनाओं को देखें तो झारखंड में हत्या, आत्महत्या, दुर्घटना और मारपीट की कई घटनाएं दर्ज की गईं. हालांकि पुलिस ने कई मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है.

त्योहार के बीच हुई इन घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि समाज में बढ़ते तनाव, विवाद और अपराध को रोकने के लिए प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर काम करना होगा, ताकि आने वाले त्योहार सचमुच खुशियों और सौहार्द का संदेश लेकर आएं.

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