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रांची: मधुकम में खुलेआम हो रही 50-200 रुपये की वसूली, बिना आदेश कैफे खोल बन रहा e-pass

 
  • सरकारी पोर्टल का सर्वर लगातार फेल रहने के कारण लोग कैफे जाने पर मजबूर
  • निर्देशों का उल्लंघन करते हुए संचालक खोल रहे कैफे, लोगों में नाराजगी

Ranchi: राजधानी रांची के मधुकम मोहल्ले में नियमों को ताक पर रख कैफे खोला गया है. यहां आने वाले ग्राहकों से मनमाना पैसे की वसूली की जा रही है. कोरोना गाइडलाइन के तहत कैफे को आवश्यक सेवाओं से दूर रखते हुए बंद रखने का निर्देश दिया गया है. बावजूद कैफे संचालक नियमों को ठेंगा दिखाते हुए न सिर्फ कैफे खोल रहे हैं, सरेआम लूट का खेल चालू कर दिया है. कैफे आने वाले ग्राहकों से ई-पास के नाम पर वे 50 से 200 रुपये की मनमाना पैसे की वसूली कर रहे हैं. पुलिस की सख्ती को देखते हुए लोग मजबूरी में इन्हें इतने पैसे दे रहे हैं.

कोरोना संक्रमण रोकने के लिए झारखंड सरकार ने राज्य में 22 अप्रैल से स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह की घोषणा की है. संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सरकार से इसकी अवधि 27 मई तक बढ़ा दी है. इसमें 16 मई से लेकर 27 मई के दौरान वाहनों की आवाजाही पर विशेष नज़र रखी जा रही है. इसके लिए सरकार ने चार केटेगरी में बांटकर वाहनों के लिए ई-पास अनिवार्य किया है. लेकिन मजूदर, सब्जी, फल, दूध बिक्री और अन्य कामों से जुड़े निर्धन लोग जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है वे ई-पास के लिए कैफे पर निर्भर हैं.

बंद करने के निर्देश के बाद खोल रखी है कैफे

सरकार ने कैफे जरूरी सेवाओं में शामिल नहीं किया है. इससे कई लोगों को पास ई-पास लेने में परेशानी हो रही है. कुछ कैफे संचालकों ने मौके का फायदा उठाते हुए निर्देशों का उल्लंघन करते हुए कैफे खोल रखा है. यहां खुलेआम सोशल डिस्टेंसिंग की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं.

 

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