Ranchi : हाई स्कूल शिक्षकों के 3704 पदों को सरेंडर किए जाने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. लीला मुर्मू एवं अन्य बनाम राज्य सरकार की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए.
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन ने अदालत को बताया कि वर्ष 2016 में 17,786 पदों पर बहाली के लिए विज्ञापन जारी हुआ था, लेकिन बाद में आरक्षित वर्ग के 3,704 पदों को बिना किसी ठोस कारण के सरेंडर कर दिया गया.
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह कदम न केवल मनमाना है, बल्कि आरक्षण नीति और समान अवसर के संवैधानिक अधिकार के भी विरुद्ध है.
हाईकोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग और राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वे यह स्पष्ट करें कि उक्त पदों को स्थायी रूप से समाप्त किया गया है या केवल वर्तमान में योग्य अभ्यर्थियों के अभाव में खाली रखा गया है. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई आठ सप्ताह बाद तय की है.
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