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डिजिटल युग में शिक्षा को तकनीक से जोड़ना जरूरी, CUJ में विशेषज्ञों ने रखे विचार

Ranchi News: कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता प्रो. विमल किशोर ने की. इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. पीके साहू मुख्य अतिथि और इग्नू, नई दिल्ली के स्ट्राइड (STRIDE) से प्रो. सीआरके मूर्ति विशिष्ट वक्ता के रूप में शामिल हुए.
 
विशेष अतिथि व्याख्यान में बोलते वक्ता

Ranchi News: केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (CUJ), रांची के शिक्षा विभाग की ओर से विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया. इसमें विशेषज्ञों ने डिजिटल शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बहुविषयक शिक्षा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की. वक्ताओं ने कहा कि बदलते दौर में शिक्षा को तकनीक से जोड़ना और विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख बनाना जरूरी है.

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कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता प्रो. विमल किशोर ने की. इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. पीके साहू मुख्य अतिथि और इग्नू, नई दिल्ली के स्ट्राइड (STRIDE) से प्रो. सीआरके मूर्ति विशिष्ट वक्ता के रूप में शामिल हुए.

 

प्रो. सीआरके मूर्ति ने कहा कि दुनिया तेजी से डिजिटलीकरण और तकनीकीकरण की ओर बढ़ रही है. ऐसे में दूरस्थ शिक्षा को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना आवश्यक है. उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धी सोच से विद्यार्थियों की उत्पादकता बढ़ाने के साथ रोजगार के अवसरों को भी बेहतर बनाया जा सकता है.

 

वहीं, प्रो. पीके साहू ने कहा कि वर्तमान समय AI और डिजिटल तकनीक का है. शिक्षा में बहुविषयक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है, ताकि विद्यार्थियों को विविध क्षेत्रों का ज्ञान मिल सके. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में शिक्षा के साथ प्रौद्योगिकी के एकीकरण पर विशेष जोर दिया गया है. पुराने शैक्षिक संसाधनों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है.

 

प्रो. साहू ने अनुभव आधारित पाठ्यक्रम, शिक्षकों की स्वायत्तता, निर्णय क्षमता, भावनात्मक विकास और सहयोगात्मक शिक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की शिक्षा में विभिन्न पीढ़ियों के ज्ञान और अनुभवों को शामिल करना जरूरी है. समस्याओं का समाधान भी क्रमिक और सामूहिक प्रयासों से ही संभव है.

 

कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों और शिक्षकों समेत करीब 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम का समन्वय शिक्षा विभाग के सहायक आचार्य डॉ. मनोहर कुमार दास ने किया. सह-आचार्य डॉ. शशि सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया. अंत में प्रो. विमल किशोर ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया. 

 

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