Bihar News : दरभंगा जिले में बुधवार को पुलिस ट्रेनिंग के दौरान हादसा हो गया. यहां बिहार स्पेशल आर्म्ड पुलिस-13 (BSAP-13) परिसर में आंसू गैस की मॉक ड्रिल के दौरान करीब पुलिसकर्मियों की तबीयत बिगड़ गई.
आंखों और त्वचा में जलन व खुजली, उल्टी, चक्कर और बेचैनी होने पर आनन-फानन में जवानों को दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. फिलहाल सभी जवानों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.
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ट्रेनिंग के दौरान अचानक फैला धुआं
जानकारी के मुताबिक, BSAP-13 परिसर में बीते 11-12 दिनों से जवानों को एंटी-रायट और आंसू गैस के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जा रही थी. बुधवार को इसी अभ्यास के दौरान आंसू गैस का गोला छोड़ा गय. इसी दौरान तेज धमाका हुआ और गैस का धुआं आसपास के इलाके में फैल गया, जिसकी चपेट में कई पुलिसकर्मी आ गए.
गैस के संपर्क में आने के बाद जवानों को आंखों और त्वचा में जलन व खुजली, उल्टी, चक्कर और बेचैनी होने लगी. एक साथ करीब 100 जवानों की तबीयत बिगड़ने से कैंप में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
इसके बाद एंबुलेंस की मदद से जवानों को अस्पताल भेजा गया. इसके बाद सभी पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार दिया गया. इलाज के बाद अधिकांश जवानों की हालत सामान्य हो गई और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. वहीं, कुछ जवानों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है.
जवानों की स्थिति खतरे से बाहर
BSAP-13 के कमांडेंट रवीश कुमार ने घटना की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि सीनियर अधिकारियों के अभ्यास के दौरान छोड़ी गई आंसू गैस की चपेट में आसपास मौजूद कुछ अन्य पुलिसकर्मी भी आ गए. कमांडेंट के अनुसार, शुरुआत में करीब पांच जवानों की तबीयत ज्यादा खराब हुई.
इसके अलावा कुछ अन्य जवानों ने खुजली और हल्की बेचैनी की शिकायत की. सभी को एहतियात के तौर पर DMCH भेजा गया. रवीश कुमार ने बताया कि डॉक्टरों की निगरानी में जवानों का इलाज किया गया और फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर है. कुछ पुलिसकर्मियों को एहतियात के तौर पर अस्पताल में निगरानी में रखा गया है.
Darbhanga, Bihar: More than 100 personnel of Bihar Special Armed Police-13 (BSAP-13) were reportedly affected during a tear gas shell-firing training exercise in Darbhanga on Wednesday. The affected personnel were brought to Darbhanga Medical College and Hospital (DMCH) for treatment. BSAP-13 Commandant Ravish Kumar says, "At our centre, the older personnel were undergoing a mock drill practice involving tear gas. During the training, tear gas was released, and some children were exposed to it....The training had been going on for around 11 to 12 days. As soon as the five personnel developed symptoms, others who were nearby, including personnel in the adjacent area, also came for medical attention...."
— IANS (@ians_india) October 7, 2026
क्या है मॉक ड्रिल
पुलिस और सुरक्षा बलों को दंगा या भीड़ को नियंत्रित करने की स्थिति में तैयार रखने के लिए इस तरह की मॉक ड्रिल कराई जाती है. इसमें आंसू गैस और दूसरे एंटी-रायट उपकरणों के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जाती है. दरभंगा में इसी ट्रेनिंग के दौरान आंसू गैस फैलने से पुलिसकर्मियों की तबीयत बिगड़ गई.

