Ranchi: आयकर विभाग के छापे में राइस किंग बाबा ग्रुप के ठिकानों से 1.25 करोड़ रुपए कैश मिले हैं. इसके अलावा विभिन्न ठिकानों से भारी मात्रा में जेवरात भी मिले हैं. छापामारी में मिले जेवरात के मूल्य का आकलन किया जा रहा है. साथ ही बाबा ग्रुप की सभी संपत्तियों के मूल्य का आकलन किया जा रहा है. इसके बाद इन संपत्तियों को खरीदने के लिए पैसों के स्रोत का पता लगाया जाना है.
आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा(रांची) ने 29 जनवरी को बाबा एग्रो और बाबा फुड प्रोसिंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के झारखंड और बिहार स्थित कुल 45 ठिकानों पर छापामारी शुरू की थी. छापेमारी के दायरे में बाबा ग्रुप से जुड़े आढ़तिया के अलावा CA, अकाउंटेंट, कंपनी के निदेशकों को भी शामिल किया गया था. छापेमारी के दूसरे दिन नकदी और जेवरात मिले.
अभी तक योगेश साहू के ठिकानों से 1.25 करोड़ रुपये मिले हैं. आयकर अधिकारियों का दल इस नकदी के स्रोत की जानकारी के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है. हालांकि ग्रुप से जुड़े लोगों द्वारा इस नकदी का सही सही स्रोत नहीं बता पाने की वजह से इसे ग्रुप की अघोषित नकदी मानी जा रही है.
छापेमारी के दौरान अन्य ठिकानों से मिली नकदी और कच्चे कागज पर किये गये व्यापार के मुद्दे पर भी संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है. छापेमारी के दायरे में शामिल आढ़तिया और CA सहित अकाउंटेंट से भी व्यापारिक गतिविधियों के सिलसिले में पूछताछ जारी है.
छापेमारी के दौरान कुछ ठिकानों से भारी मात्रा में जेवरात मिले हैं. इसके मूल्य के आकलन के लिए जानकार बुलाए गए हैं. जेवरात के मूल्यांकन और स्रतों की जानकारी मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जायेगी. आयकर टीम बाबा ग्रुप की अचल संपत्ति जैसा जमीन, मकान, फैक्ट्री सहित अन्य संपत्तियों का मूल्यांकन करा रही है.
फिलहाल इस तरह की 10 संपत्तियों के मूल्यांकन के लिए सक्षम अधिकारियों के लगाया गया है. मूल्यांकन का उद्देश्य इन संपत्तियों की ख़रीद के लिए पैसों के स्रोत का पता लगाया जाना है. 29 जनवरी को शुरु हुई छापामारी के तीसरे दिन भी जारी रहने की संभावना जताई जा रही है.
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