Ranchi: रांची जिला में गाय, बछड़ा की चोरी के लिए एक संगठित गिरोह सक्रिय है. इस चोर गिरोह के सदस्य को एक दिन की मजदूरी के रूप में 3000 रुपये का भुगतान सरगना द्वारा किया जाता है. चोरी से लदी गाड़ी पर गिरोह की महिला सदस्य के बैठने पर उसे 5000 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी का भुगतान किया जाता है.
रांची में गोवंशीय पशुओं की चोरी में सक्रिय गिरोह का सरगना दूसरे राज्य का बताया जाता है. उसने गिरोह में दैनिक मजदूरी पर महिलाओं और बेरोजगार युवकों को शामिल कर रखा है. गिरोह पर चोरी का संदेह नहीं हो इसलिए गिरोह के सदस्यों द्वारा महंगी गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा चोरी का जानवर ढोने वाली गाड़ियों पर कभी-कभी महिला सदस्यों का इस्तेमाल किया जाता है. इससे लोगों को किसी तरह का संदेह नहीं हो और पुलिस की नजर से भी बच सकें.
बताया जाता है कि गिरोह के दो तीन सदस्य महंगी गाड़ियों पर सवार होकर पहले निरीक्षण करने निकलते हैं. इस क्रम में गिरोह के सदस्यों द्वारा आसपास के वैसे क्षेत्रों का दौरा किया जाता है, जहां जानवरों को लोग चरने के लिए छोड़ देते हैं. गिरोह के सदस्यों द्वारा पहले इस बात की जांच की जाती है कि जानवरों को कोई देख रहा है या नहीं.
निरीक्षण के दौरान संतुष्ट होने के बाद गिरोह के सदस्य योजना बनाकर वहां पहुंचते हैं और जानवरों को पकड़ कर गाड़ी में लादकर शहर में लाते हैं. इसके बाद इन जानवरों को बेचा जाता है. पिछले कुछ कुछ महीने के दौरान पुलिस ने चोर गिरोह के सदस्यों को गाड़ियों में जानवरों को लेकर जाते गिरफ्तार किया है.
लेकिन पूरी तरफ जांच नहीं होने की वजह से इस चोर गिरोह का खुलासा नहीं हो सका है. जगन्नाथपुर और डोरंडा पुलिस ने कल भी बिरसा चौक और डोरंडा बाजार के बीच मवेशी लदी हुई गाड़ी को पकड़ा है. गाड़ी में ठूंस कर पांच बछड़ों के ले जाया जा रहा था. दम घुटने की वजह से एक बछड़े की मौत हो गयी थी. गिरफ्तार किये गये व्यक्ति जावेद ने पुलिस को बताया कि वह मासूम कुरैशी, बुलंद कुरैशी व अन्य के कहने पर बछड़ों को ले जा रहा था.
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