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अमेरिका के निशाने पर भारत, चीन और ब्राजील, रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर अब 500 फीसदी टैरिफ

वेनेजुएला के बाद अमेरिका का टारगेट भारत, चीन और ब्राजील हैं. य़ह इस बात से साबित हो रहा है कि ट्रंप ने एक विवादित विधेयक को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है. इस विधेयक के तहत रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ लगाये जाने का रास्ता साफ हो गया है.
 

Washington : वेनेजुएला के बाद अमेरिका का टारगेट भारत, चीन और ब्राजील हैं. य़ह इस बात से साबित हो रहा है कि ट्रंप ने एक विवादित विधेयक को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है. इस विधेयक के तहत रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ लगाये जाने का रास्ता साफ हो गया है.

 

 
हालांकि यह प्रस्ताव अभी कानून नहीं बना है.अमेरिकी संसद से पारित होना अभी बाकी है. खबर है कि अगले सप्ताह संसद में इस पर वोटिंग हो सकती है.


इस विधेयक के कानून बनने का साईड इफेक्ट यह होगा कि भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में टिके रहना असंभव सा हो जायेगा. जबकि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है.    


जानकारों के अनुसार यह  प्रस्ताव(500 प्रतिशत टैरिफ) रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका की सख्त रणनीति का हिस्सा है.  अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम का साफ आरोप है कि जो देश रूस से सस्ता तेल खरीद रहे हैं,


वे अप्रत्यक्ष रूप से राष्ट्रपति पुतिन की युद्ध नीति को आर्थिक समर्थन दे रहे हैं. भारत पर वर्तमान में 50फीसदी तक टैरिफ लागू है, जिसे बढ़ाकर सीधे 500फीसदी करने के मूड में अमेरिका है, 

 
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. राष्ट्रपति ट्रंप ने उस विधेयक को हरी झंडी दे दी है, जिस पर मैं लंबे समय से काम कर रहा हूं, इसका मकसद रूस से तेल खरीदने वाले देशों को दंडित करना है. लिखा कि भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है.  

 

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