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भारत ने US के कॉमर्स मंत्री का बयान नकारा, 500 फीसदी टैरिफ पर कहा, हमारा ध्यान सस्ता तेल खरीदने पर

मामला यह है कि अमेरिका भारत पर पहले ही 50 फीसदी टैरिफ लगा चुका है. इसका असर नहीं होता देख अमेरिका अब भारत, चीन, ब्राजील जैसे देशों पर 500 फीसदी टैरिफ लगाना चाहता है. सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने यह  बिल  पेश किया है.
 

 New Delhi : अमेरिका द्वारा भारत पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चर्चा सुर्खियों में है. इसके अलावा अमेरिकी कॉमर्स मंत्री हॉवर्ड लुटनिक का यह बयान भी चर्चा में है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील इसलिए नहीं हो पायी क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को फोन नहीं किया था.  

 

 

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज अपने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका में टैरिफ से जुड़ी चर्चाओं और कॉमर्स मंत्री के बयान का जवाब दिया. 

 

रणधीर जायसवाल ने कहा, हमारे ऊर्जा से जुड़े फैसले बाजार की स्थितियों को ध्यान में रखकर लिये जाते हैं. यह 1.4 अरब भारतीयों के लिए एनर्जी सिक्योरिटी पक्का करते हैं.  

 

मामला यह है कि अमेरिका भारत पर पहले ही 50 फीसदी टैरिफ लगा चुका है. इसका असर नहीं होता देख अमेरिका अब भारत, चीन, ब्राजील जैसे देशों पर 500 फीसदी टैरिफ लगाना चाहता है. सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने यह  बिल  पेश किया है.

 

डोनाल्ड ट्रंप कल गुरुवार को इस बिल को हरी झंडी दे दी है.  इस बिल के पास हो जाने से अमेरिका उन देशों पर 500फीसदी टैरिफ लगा सकता है, जो रूस से तेल, गैस या यूरेनियम खरीदते हैं.  

 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पत्रकारों से कहा, जिस प्रस्तावित बिल की आप बात कर रहे हैं. उसके बारे में हमें जानकारी है.  हम इस पर ध्यान दे रहे हैं.  लेकिन हम देश के 1.4 अरब लोगों के नजरिए से देखते हैं कि किस प्रकार उन्हें सस्ते दाम पर ऊर्जा मुहैया करायी जाये. इसी आधार पर हम अपनी रणनीति तय करते हैं.. 

 

इस क्रम में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अमेरिकी कॉमर्स मिनिस्टर के भारत के दावे को गलत करार दिया.  अमेरिकी कॉमर्स मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने कहा है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील इसलिए नहीं हो पायी क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया. 

 

रणधीर जायसवाल ने कहा,  मैंने उन टिप्पणियों (कॉमर्स मंत्री का बयान) को देखा है. कहा कि भारत-अमेरिका पिछले साल 13 फरवरी से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध थे. दोनों पक्षों ने कई दौर की बातचीत की है.

 

प्रवक्ता ने कहा,  हम लाभकारी व्यापारिक समझौते में रुचि रखते हैं. आशा जताई कि यह संपत्र हो जायेगा.  हॉवर्ड लुटनिक के बयान को नकारते हुए कहा, 2025 में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच 8 बार फोन पर बातचीत हुई है.  


 

  


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