Lagatar desk : दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित फिल्म पुरस्कारों में से एक अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर) में भारतीय सिनेमा का सफर लंबा और दिलचस्प रहा है. भले ही भारतीय फिल्मों को इस मंच पर कम मौके मिले हों, लेकिन कई भारतीय फिल्में और कलाकार ऐसे हैं जिन्होंने ऑस्कर जीता है.
इस साल भारत की ओर से होमबाउंड को सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में भेजा गया था, हालांकि यह पुरस्कार नहीं जीता. आइए जानते हैं उन भारतीय फिल्मों और कलाकारों के बारे में जिन्होंने ऑस्कर में इतिहास रचा.
द एलीफेंट व्हिस्परर्स (2023)
तमिल डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म द एलीफेंट व्हिस्परर्स ने 95वें ऑस्कर समारोह में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म का पुरस्कार जीता. इस फिल्म का निर्देशन कार्तिकी गोंसाल्वेस ने किया था और इसे गुनीत मोंगा ने प्रोड्यूस किया था.फिल्म तमिलनाडु के एक जुड़वां की कहानी बताती है, जो एक अनाथ हाथी के बच्चे की देखभाल करते हैं.
RRR का गाना ‘नाटू नाटू’ (2023)
निर्देशक एस. एस. राजामौली की फिल्म RRR के लोकप्रिय गीत ‘नाटू नाटू’ ने ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ मूल गीत का पुरस्कार जीता.इस गीत को एम. एम. कीरावनी ने संगीत दिया और चंद्रबोस ने इसके बोल लिखे. यह किसी भारतीय फिल्म का पहला गीत था जिसने इस श्रेणी में ऑस्कर जीता.
पीरियड. एंड ऑफ सेंटेंस (2018)
यह डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म ग्रामीण भारत में मासिक धर्म से जुड़े सामाजिक मुद्दों और जागरूकता पर आधारित है.इस फिल्म को गुनीत मोंगा ने प्रोड्यूस किया था और इसे 91वें ऑस्कर समारोह में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म का पुरस्कार मिला.
स्माइल पिंकी (2008)
निर्देशक मेगन माइलन की इस डॉक्यूमेंट्री ने भी सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म का ऑस्कर जीता.यह फिल्म भारत की एक बच्ची की कहानी दिखाती है, जिसके कटे होंठ (क्लेफ्ट लिप) की सर्जरी के बाद उसकी जिंदगी बदल जाती है.
स्लमडॉग मिलियनेयर (2008)
हालांकि यह फिल्म एक ब्रिटिश प्रोडक्शन थी, लेकिन इसमें भारतीय कलाकारों का बड़ा योगदान रहा. संगीतकार ए. आर. रहमान ने सर्वश्रेष्ठ मूल संगीत और सर्वश्रेष्ठ मूल गीत का ऑस्कर जीता. वहीं साउंड इंजीनियर रेसुल पुकुट्टी को सर्वश्रेष्ठ साउंड मिक्सिंग का पुरस्कार मिला और गीतकार गुलजार को भी सर्वश्रेष्ठ मूल गीत का ऑस्कर मिला.
गांधी (1982)
कॉस्ट्यूम डिजाइनर भानु अथैया ऑस्कर जीतने वाली पहली भारतीय बनीं. उन्हें डायरेक्टर रिचर्ड एटनबरो की फिल्म गांधी के लिए सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइन का पुरस्कार मिला था.
ऑस्कर के लिए नामांकित भारतीय फिल्में
हालांकि भारत अभी तक सर्वश्रेष्ठ इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में जीत हासिल नहीं कर पाया है, लेकिन कई फिल्में इस पुरस्कार के काफी करीब पहुंची हैं. इनमें मदर इंडिया (1957), सलाम बॉम्बे! (1988) और लगान (2001) जैसी फिल्में शामिल हैं, जिन्हें इस कैटेगरी में नामांकन मिला था.
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