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ऑस्ट्रेलिया में आज भारत की अग्निपरीक्षा : सलीमा टेटे की कप्तानी में मैदान पर उतरेगी महिला हॉकी टीम

New Delhi : झारखंड की बेटी और भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे के नेतृत्व में आज भारत की टीम ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में चुनौती देने उतर रही है. पर्थ में खेले जाने वाले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर देशभर के हॉकी प्रेमियों की नजरें टिकी हैं. 

 

एक तरफ दुनिया की मजबूत टीमों में शुमार ऑस्ट्रेलिया है. तो दूसरी तरफ युवा जोश और अनुभव से भरी भारतीय टीम. जो आने वाले एफआईएच वीमेन्स नेशंस कप की तैयारियों को और मजबूत करने के इरादे से मैदान में उतरेगी.

 

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला आज पर्थ में खेला जाएगा. रैंकिंग की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया फिलहाल दुनिया की आठवीं और भारत नौवीं रैंकिंग वाली टीम है. यानी दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है. भारतीय टीम इस दौरे को जून में न्यूजीलैंड में होने वाले एफआईएच वीमेन्स नेशंस कप की तैयारी के तौर पर देख रही है.

 

भारतीय कप्तान सलीमा टेटे ने मुकाबले से पहले कहा है कि ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उसकी सरजमीं पर खेलना आसान नहीं होता लेकिन ऐसे मुकाबले ही टीम को बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयार करते हैं. सलीमा का मानना है कि कठिन परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और मैच टेम्परामेंट दोनों मजबूत होता है.

 

अगर भारतीय टीम की ताकत की बात करें तो मिडफील्ड इस समय टीम का सबसे मजबूत विभाग माना जा रहा है. कप्तान सलीमा टेटे के साथ लालरेमसियामी और झारखंड की प्रतिभाशाली खिलाड़ी दीपिका सोरेन टीम को शानदार संतुलन प्रदान करती हैं. वहीं, युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का बेहतरीन मिश्रण भारत को अतिरिक्त मजबूती दे रहा है.

 

डिफेंस की जिम्मेदारी झारखंड की अनुभवी खिलाड़ी निक्की प्रधान संभालेंगी. उनके साथ सुशीला चानू, इशिका और लालथांटलुआंगी जैसी खिलाड़ी रक्षा पंक्ति को मजबूती देंगी. जबकि गोलपोस्ट के सामने भारत की सबसे बड़ी उम्मीद होंगी अनुभवी गोलकीपर सविता पुनिया. जिनके पास 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैचों का अनुभव है.

 

फॉरवर्ड लाइन में भारत की नजरें नवनीत कौर और दीपिका पर टिकी होंगी. नवनीत इस साल भारतीय टीम की सबसे सफल गोल स्कोरर रही हैं और कई महत्वपूर्ण मौकों पर टीम को जीत दिला चुकी हैं. ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस के सामने सबसे बड़ा खतरा यही खिलाड़ी बन सकती हैं.

 

हालांकि ऑस्ट्रेलिया को हल्के में लेना भारत के लिए बड़ी भूल साबित हो सकती है. अपने घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलियाई टीम हमेशा आक्रामक खेल के लिए जानी जाती है और उसके पास कई ऐसे खिलाड़ी हैं. जो अकेले मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं. भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील करना होगी क्योंकि हाल के मुकाबलों में यही क्षेत्र टीम की चिंता का विषय रहा है.

 

फिलहाल पर्थ में होने वाले इस रोमांचक मुकाबले के लिए दोनों टीमें पूरी तरह तैयार हैं. भारत जीत के साथ सीरीज का आगाज करना चाहेगा. जबकि ऑस्ट्रेलिया अपने घरेलू दबदबे को बरकरार रखने की कोशिश करेगा.

 

अब नजरें इस बात पर होंगी कि क्या सलीमा टेटे की कप्तानी में भारत ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में चुनौती दे पाएगा? क्या झारखंड की बेटियां एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना दम दिखाएंगी? और क्या भारतीय टीम नेशंस कप से पहले बड़ा आत्मविश्वास हासिल कर पाएगी? क्योंकि आज का मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं बल्कि आने वाली बड़ी चुनौतियों की तैयारी का अहम इम्तिहान भी है.

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