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इंदौर : दूषित पेयजल मौत मामले में हाईकोर्ट के तेवर तल्ख, मुख्य सचिव को 15 जनवरी को तलब किया

कोर्ट ने कहा कि इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर माना जाता है, लेकिन अब दूषित पेयजल प्रकरण के कारण पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है. कोर्ट ने दूषित पेयजल को गंभीर चिंता का विषय करार देते हुए कहा कि हम इस संबंध में मुख्य सचिव के विचार  सुनना चाहते हैं.
 

Indore : इंदौर में दूषित पानी पीने के कारण 17 लोगों की हुई मौत को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है. कोर्ट ने मुख्य सचिव को हाजिर होने को कहा है. इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल से हुई मौतों को लेकर आज मंगलवार को एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई की गयी.


कोर्ट ने कहा कि इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर माना जाता है, लेकिन अब दूषित पेयजल प्रकरण के कारण पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है. कोर्ट ने दूषित पेयजल को गंभीर चिंता का विषय करार देते हुए कहा कि हम इस संबंध में मुख्य सचिव के विचार  सुनना चाहते हैं.


कोर्ट ने मध्य प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी को 15 जनवरी को वर्चुअली हाजिर होने को आदेश दिया है.    जानकारी के अनुसार वर्तमान में  शहर के अस्पतालों में 110 मरीज भर्ती हैं. कुल 421 मरीजों में से 311 मरीजों को  अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है.   

 
इससे पहले 31 दिसंबर को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और नगर निगम को निर्देश दिया था कि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाये. दरअसल याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गयी थी कि प्रभावित इलाके में अब भी दूषित पानी सप्लाई किया जा रहा है.

 
अन्य याचिकाओं में  कोर्ट को जानकारी दी गयी है कि स्थानीय लोगों द्वारा इस मामले में कई शिकायतें की गयी. थीं, लेकिन प्रशासन ने इस दिशा में ध्यान नहीं दिया. अगर समय रहते संज्ञान लिया गया होता तो यह घटना नहीं होती.

 

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