Gumla: इंडसइंड बैंक (गुमला) के पूर्व मैनेजर अजमत नासित द्वारा शिव चिक बड़ाईक नाम के ग्राहक को ठगने का मामला प्रकाश में आया है. शिव चिक बड़ाईक ने मोटरसाइकिल के लिए बैंक से कर्ज लिया था. कर्ज को समाप्त करने के लिए एक मुश्त 15950 रुपये जमा किया. मैनेजर ने पैसा लेकर उसे प्राप्ति रसीद दे दिया. लेकिन पैसा जमा नहीं किया.

तत्कालीन मैनेजर के तबादले के बाद नये मैनेजर ने कर्ज वसूली की कोशिश की. शिव चिक बड़ाईक द्वारा पैसा चुकाये जाने का दावा किया गया. लेकिन बैंक ने उसके दावे को अस्वीकार करते हुए मामले को आरबिट्रेशन के लिए भेज दिया. कर्ज के मुद्दे पर उभरे इस विवाद का आरबिट्रेशन चेन्नई में हुआ. आरबिट्रेशन में उसे बैंक को 21499 रुपये पर 21-4-2025 से 12 प्रतिशत सूद के साथ देने का आदेश दिया गया.
शिव चिक बड़ाईक ने मुंबई स्थित बैंक के एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर को पत्र लिखा था. इसमें बैंक के तत्कालीन मैनेजर द्वारा दिये गये प्राप्ति रसीद भी संलग्न किया है. एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर को भेजे गये पत्र में कहा गया कि उसने मोटरसाइकिल के लिए बैंक से 31-12-2019 को 55,290 रुपये कर्ज लिया था. 20 फरवरी 2021 को अंतिम किस्त 15950 रुपये बैंक मैनेजर अजमत नासित के पास जमा किया.
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