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समीक्षा बैठक में पेयजल स्वच्छता मंत्री को दी गयी सूचनाएं जांच में मिली गलत

Ranchi: पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री  योगेंद्र प्रसाद को विभागीय समीक्षा के दौरान इंजीनियरों द्वारा योजनाओं से संबंधित दी गयी सूचनाएं जांच में गलत पायी गयीं. गलत सूचना देने के मामले में मंत्री ने नाराजगी का इजहार किया. साथ ही गलत जानकारी देने के मामले मे संबंधित इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. समीक्षा बैठक के नलकूप मरम्मत से जुड़े नंबरों पर फोन करने पर मंत्री को भी सही जवाब नहीं मिला था.


पिछले दिनों हुई विभागीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने कार्यपालक अभियंता लोहरदगा से अरकोसा Multi Village Scheme(Multi Village Scheme(MVS) की योजनाओं के गांवों में जलापूर्ति से संबंधित जानकारी मांगी थी. कार्यपालक अभियंता ने मंत्री को यह जानकारी दी थी कि अरकोसा MVS सही तरीके से काम कर रहा है. इससे जुड़े सभी गांवों में पेयजल की आपूर्ति की जा रही है. मंत्री ने इस दावे की जांच का आदेश दिया था.

 

मंत्री द्वारा दिये गये आदेश के आलोक में अधीक्षण अभियंता (रांची अंचल) और कार्यपालक अभियंता गुमला द्वारा संयुक्त रूप से योजना की जांच की गयी. जांच में कार्यपालक अभियंता लोहरदगा द्वारा मंत्री को की दी गयी सूचना गलत पायी गयी.

 

जांच में पाया गया कि ESR-01(Elevated Service Reservoir-01) से नियमित जलापूर्ति होती है. लेकिन खरपता गांव में एक एक दिन छोड़ कर जलापूर्ति की जाती है. ESR-02 से नियमित जलापूर्ती होने की पुष्टि हुई.


जांच में ESR-03    और ESR-04 से जलापूर्ति बंद पायी गयी. इसकी वजह साफ पानी का मुख्य राइजिंग पाइप (CWRM) क्षतिग्रस्त होना पाया गया. संबंधित क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण और पुल निर्माण के दौरान CWRM क्षतिग्रस्त हो गया है.


जांच के दौरान ESR-05 से जलापूर्ति होने लेकिन नल का कनेक्शन अधूरा रहने की जानकारी मिली. जांच में पाया गया कि भुजनिया गांव में कुछ नल का कनेक्शन छूटा हुआ है. यानी ESR-03 पूरी तरह कार्यरत नहीं है. समीक्षा बैठक के दौरान मिली सूचना के जांच में गलत पाये जाने पर मंत्री ने नाराजगी जतायी. कार्यपालक अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया. साथ ही भविष्य में गलत सूचना देने पर कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया.


मंत्री ने पेयजलापूर्ति से संबंधित समाचार पत्रों में छपी कुछ खबरों की जांच करायी. जांच में समाचार पत्रों में छपी खबरें सही पायी गयीं.


-    बहरागोड़ा(जमशेदपुर) के चिरौंगी में महुदा जलापूर्ति योजना से तीन साल से जलापूर्ति बंद होन की खबर छपी थी. कार्यपालक अभियंता ने बताया कि नदी की धारा दूर होने से योजना बंद है. खराब मोटर की मरम्मत करा दी गयी है. इनटेक वेल का De-Silting भी करा दिया गया है. Infiltration Gallery का एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है.


-     गालूडीह में आठ जलमीनार बंद है. इस मुद्दे पर कार्यपालक अभियंता ने जवाब दिया कि यह जल जीवन मिशन से बाहर की योजना है. DMFT से मरम्मत की स्वीकृति दे दी गयी है. टेंडर के बाद वर्क ऑर्डर दे दिया गया है.


-     दुमका के घासीमंदी पंचायत दसमलिया गांव में Single Village Scheme Cluster(SVS Cluster)10 महीने से बंद है. इस मामले में कार्यपालक अभियंता ने एक सप्ताह में मरम्मत करने कर मुख्यालय को सूचना देने की बात कही.


-     मधुपुर के सारठ विधानसभा क्षेत्र मे पुरानी जलापूर्ति योजनाओं के बंद होने की खबर छपी थी. इस मामले में कार्यपालक अभियंता ने मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार कर लेने की जानकारी दी. मंत्री ने बंद पड़ी सभी योजनाओं की जानकारी मांगी है.


-    लातेहार प्रमंडल के सरजु प्रखंडक के घासी पंचायत में SVS Scheme से सिर्फ पांच घरों में जलापूर्ति की जाती है. इस खबर पर कार्यपालक अभियंता ने कहा कि मरम्मत करा कर जलापूर्ति शुरू करा दी जायेगी.


उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों हुई समीक्षा बैठक के दौरान वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के लिए मंत्री ने नलकूप मरम्मत से जुडे नंबरों पर फोन किया था. लेकिन उन्हें भी सही जवाब नहीं मिला था. मंत्री ने सरायकेला, चाईबासा, चक्रधरपुर और गिरिडीह-2 में मरम्मत कार्यों से जुड़े नंबर पर फोन किया. सही जवाब नहीं मिलने से नाराज मंत्री ने मुख्य अभियंता (पीएमयू) को कारण बताओ नोटिस जारी करने करने का निर्देश दिया था. मंत्री ने कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जतायी थी और एक प्रमंडल के दावों की जांच दूसरे प्रमंडल के अधिकारियों से कराने का निर्देश दिया था.

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