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रांची में फोस्टर केयर को नई दिशा देने की पहल, हर बच्चे को परिवार का स्नेह पर जोर

झारखंड में जरूरतमंद बच्चों को संस्थागत जीवन से बाहर निकालकर पारिवारिक माहौल देने की दिशा में अहम पहल की गई. शनिवार को होटल कैपिटल हिल में Alternative Care Service for Children (विशेष फोकस: Foster Care) विषय पर एक दिवसीय राज्यस्तरीय सम्मेलन आयोजित हुआ.
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  • 9000 बच्चों को स्पॉन्सरशिप से जोड़ने का लक्ष्य
  • 5000 चाइल्ड केयर संस्थानों में 4 लाख बच्चे

Ranchi : झारखंड में जरूरतमंद बच्चों को संस्थागत जीवन से बाहर निकालकर पारिवारिक माहौल देने की दिशा में अहम पहल की गई. शनिवार को होटल कैपिटल हिल में Alternative Care Service for Children (विशेष फोकस: Foster Care) विषय पर एक दिवसीय राज्यस्तरीय सम्मेलन आयोजित हुआ.

 

कार्यक्रम झारखंड राज्य बाल संरक्षण संस्था के मार्गदर्शन में बाल कल्याण संघ और मिरेकल इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में हुआ. सम्मेलन में विभिन्न जिलों से जिला बाल संरक्षण इकाइयों, बाल कल्याण समितियों (CWC), सामाजिक कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों ने भाग लिया.

 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि पहचान पद से नहीं, बल्कि समर्पित कार्य से बनती है. उन्होंने CWC और CCI से जुड़े पदाधिकारियों से बच्चों के प्रति अभिभावक जैसी संवेदनशीलता अपनाने और हर निर्णय में उनके सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता देने की अपील की.


मिशन वात्सल्य के तहत 9000 बच्चों को स्पॉन्सरशिप से जोड़ने का लक्ष्य-विनय 

झारखंड राज्य बाल संरक्षण संस्था के निदेशक विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि हर बच्चे को परिवार का स्नेह मिलना चाहिए. उन्होंने बताया कि मिशन वात्सल्य के तहत 9000 बच्चों को स्पॉन्सरशिप से जोड़ने का लक्ष्य है, जिसमें अब तक 6100 बच्चों को लाभ मिला है. फोस्टर केयर में 250 के लक्ष्य के मुकाबले 38 बच्चों को जोड़ा गया है.


देश में 5000 चाइल्ड केयर संस्थानों में 4 लाख बच्चे- राजेश प्रसाद 

माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद ने कहा कि समाज में कई श्रेणी के बच्चे होते है, जिसमें अनाथ, एकल और बाल श्रमिक विशेष संरक्षण के पात्र हैं. इनके सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की जिम्मेदारी समाज की है. पूर्व CARA निदेशक जगन्नाथ पति ने मिशन वात्सल्य को मिशन मोड में लागू करने पर जोर दिया.

 

उन्होंने बताया कि देश में करीब 5000 चाइल्ड केयर संस्थानों में 4 लाख बच्चे रह रहे हैं. वहीं, उप सचिव विकास कुमार ने कहा कि राज्य में 210 संभावित फोस्टर परिवार चिन्हित किए गए हैं. बाल कल्याण संघ के संजय मिश्रा ने फोस्टर केयर को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की जरूरत बताई.

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