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CDS जनरल अनिल चौहान की मौजूदगी में INS अर्णाला को 18 जून को कमीशन किया जायेगा

महाराष्ट्र के वसई के ऐतिहासिक अर्णाला किले के नाम पर इसका नामकरण किया गया है. यह 77 मीटर लंबा है और इसका वजन लगभग 900 टन है.
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New Delhi : भारतीय नौसेना को लेकर बड़ी खबर आयी है. खबर यह है कि 18 जून को विशाखापट्टनम के नेवी डॉकयार्ड में देश के पहला एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC) INS अर्णाला को कमीशन किया जायेगा. कमीशन सेरेमनी के मुख्य अतिथि CDS जनरल अनिल चौहान होंगे. अर्णाला का निर्माण गार्डन रीच शिप बिल्डर्स ने किया है.

 

महाराष्ट्र के वसई के ऐतिहासिक अर्णाला किले के नाम पर इसका नामकरण किया गया है. यह 77 मीटर लंबा है और इसका वजन लगभग 900 टन है.  जानकारी के अनुसार INS अर्णाला को आठ मई को भारतीय नौसेना के हवाले कर दिया गया था. 18 जून की कमीशनिंग सेरेमनी 16 ASW-SWC कैटेगरी के जहाजों में से पहले जहाज को भारतीय नौसेना में औपचारिक रूप से शामिल करने का प्रतीक है.

 

नौसेना सूत्रों का कहना है कि मेसर्स गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) कोलकाता और मेसर्स L&T शिपबिल्डर्स के साथ पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत डिजाइन किया गया और बनाया गया अर्णाला डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर भारत की सफलता का प्रमाण है.   

 

INS अर्णाला को हिंद महासागर में नौसेना की दमदार मौजूदगी जताने के लिए डिजाइन किया गया है. यह उथले पानी में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने, ट्रैक और डिएक्टिवेट करने में सक्षम है.    

 

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