Ranchi : आज DAV नंदराज में नेशनल स्पोर्ट्स डे के अवसर पर एक भव्य इंटर स्कूल स्पोर्ट्स कार्निवल का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम दो दिन तक चलेगा और बच्चों की खेलकूद की भावना को प्रोत्साहित करेगा.
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शिल्पी नेहा तिर्की ने कार्यक्रम की शुरुआत की. अन्य प्रमुख अतिथियों में आलोक दुबे, DAV के पूर्व निदेशक L.R. Saini, संजय पोद्दार और अन्य लोग उपस्थित रहे. सभी अतिथियों का स्वागत बुके, शॉल और तोहफे देकर किया गया.
कार्यक्रम की शुरुआत DAV नंदराज के बरियातू और Modern School, Lalpur के छात्रों द्वारा नृत्य और संगीत से की गई, जिसने उपस्थित सभी लोगों में जोश भर दिया. इसके बाद मुख्य अतिथि शिल्पी नेहा तिर्की ने मशाल जलाकर स्पोर्ट्स कार्निवल का उद्घाटन किया.
इसके बाद उन्होंने हॉकी खेला और टग ऑफ वार में भी भाग लिया. इस दौरान अतिथियों ने 'जीवन के मूल्य' नामक किताब का लोकार्पण भी किया.
स्पोर्ट्स कार्निवल में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें 100 मीटर रेस, सैक जंप, बैगपैक रेस और टग ऑफ वार जैसे खेलों में बच्चों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया. कुल 174 मेडल्स और 18 ट्रॉफीज का वितरण विजेताओं को किया गया.
मुख्य अतिथि शिल्पी नेहा तिर्की ने बच्चों की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि स्पोर्ट्समैनशिप का असली अहसास हो रहा है. आज के समय में बच्चों की क्षमता की कोई सीमा नहीं रही है.
हर बच्चे में कुछ खास है, और हमें उनकी शैक्षिक और खेल गतिविधियों में समान रूप से ध्यान देना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि कभी भी किसी भी क्षेत्र में अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करें, और आप अपने-सपने तक पहुंचने से नहीं रुकेंगे.
आलोक तिवारी ने अपनी बात की शुरुआत ‘How's the josh’ से की और बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि नेशनल स्पोर्ट्स डे इस दिन को मेजर ध्यानचंद के सम्मान में मनाया जाता है, जिनके योगदान को हम हमेशा याद करेंगे.
पहले एक कहावत थी 'पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब', लेकिन अब यह बदलकर 'पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे बनोगे डबल नवाब' हो गया है.
उन्होंने मेजर ध्यानचंद की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बच्चों को प्रेरित किया कि अब देश में डॉक्टर और इंजीनियर के साथ-साथ खिलाड़ी भी सम्मानित होते हैं.
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