Dhanbad: झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग की तीन सदस्यीय टीम ने मंगलवार को धनबाद पहुंचकर मोहम्मद दिलशाद अंसारी हत्याकांड की समीक्षा की. आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान, सदस्य बरकत अली एवं रंजीत मल्लिक ने सबसे पहले बोर्रागढ़ ओपी क्षेत्र पहुंचकर दिवंगत दिलशाद अंसारी के परिजनों से मुलाकात की. टीम ने परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें ढांढस बंधाया और घटना की विस्तृत जानकारी ली.
आयोग की टीम ने स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर घटना के विभिन्न पहलुओं को समझने का प्रयास किया. इस दौरान लोगों ने हत्याकांड से जुड़े कई बिंदुओं पर आयोग को जानकारी दी. परिजनों और स्थानीय लोगों से बातचीत के बाद टीम सर्किट हाउस पहुंची जहां सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव और अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे ने उनका स्वागत किया.
सर्किट हाउस में आयोग की टीम ने पुलिस अधिकारियों के साथ हत्याकांड की जांच प्रगति पर विस्तार से चर्चा की. बैठक के दौरान अब तक की जांच, गिरफ्तार आरोपियों और उपलब्ध साक्ष्यों की जानकारी ली गई. इसके बाद आयोजित प्रेस वार्ता में आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने पहले ही 2 जून को धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी थी. उन्होंने बताया कि विशेष दौरे का उद्देश्य पीड़ित परिवार से मिलना, स्थानीय लोगों का पक्ष जानना और पुलिस जांच की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था.
हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि अब तक सामने आए तथ्यों और घटना की प्रकृति को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि हत्याकांड में चार से अधिक लोगों की संलिप्तता हो सकती है. यह मामला केवल प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ नहीं लगता. उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच से ही पूरे हत्याकांड की सच्चाई सामने आ सकेगी तथा पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाएगा.
उन्होंने बताया कि आयोग ने पुलिस प्रशासन से दस दिनों के भीतर मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. रिपोर्ट प्राप्त होने और जांच की स्थिति स्पष्ट होने के बाद आयोग अपनी अनुशंसा सहित विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी.
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