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CUJ में IPS अनूप बिरथरे का व्याख्यान, छात्रों को दिया सफलता का मंत्र

Ranchi : झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के अंग्रेजी अध्ययन विभाग द्वारा आज एक व्याख्यान का आयोजन किया गया. इस अवसर पर झारखंड जगुआर के पुलिस महानिरीक्षक अनूप बिरथरे (आईपीएस) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं, व्यक्तित्व-निर्माण और जीवन-प्रबंधन के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करना था.

 

कार्यक्रम का शुभारंभ अंग्रेजी एवं हिंदी विभागाध्यक्षों द्वारा मुख्य अतिथि के औपचारिक स्वागत एवं सम्मान के साथ हुआ. स्वागत भाषण में प्रोफेसर रत्नेश विश्वकसेन ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल अकादमिक उत्कृष्टता का केंद्र नहीं, बल्कि चरित्र-निर्माण और नेतृत्व विकास की प्रयोगशाला भी है. उन्होंने विद्यार्थियों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर समर्पण और धैर्य के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.

 

अपने संबोधन में अनूप बिरथरे ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान अपने अनुभव, संघर्ष और चुनौतियों को साझा किया. उन्होंने कहा कि सफलता का मार्ग कभी आसान नहीं होता, लेकिन नियमित अभ्यास, प्रभावी समय-प्रबंधन और सकारात्मक सोच से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. उन्होंने अनुशासित दिनचर्या, निरंतर अध्ययन और आत्मविश्वास को सफलता की मूल आधारशिला बताया.

 

उन्होंने शारीरिक सुदृढ़ता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर न केवल बेहतर स्वास्थ्य देता है, बल्कि मानसिक एकाग्रता, निर्णय क्षमता और भावनात्मक संतुलन को भी मजबूत करता है.

 

“स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन का वास होता है,” इस उक्ति को दोहराते हुए उन्होंने नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की सलाह दी.

 

बिरथरे ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है. नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, टीम वर्क और नैतिक मूल्यों का समावेश भी उतना ही आवश्यक है.

 

उन्होंने युवाओं को असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया और कहा कि असफलता ही सफलता की सबसे बड़ी शिक्षक होती है.

 

कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र बेहद जीवंत रहा. विद्यार्थियों ने सिविल सेवा परीक्षा की रणनीति, समय प्रबंधन, मानसिक दबाव से निपटने के उपाय और करियर विकल्पों को लेकर प्रश्न पूछे. बिरथरे ने सभी सवालों का व्यावहारिक उदाहरणों के साथ विस्तारपूर्वक उत्तर दिया, जिससे छात्रों को स्पष्ट दिशा और आत्मविश्वास मिला.

 

कार्यक्रम का समापन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मयंक रंजन के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ. उन्होंने मुख्य वक्ता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन विद्यार्थियों के लिए दीर्घकालीन प्रेरणा का स्रोत रहेगा.

 

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. महिमा कश्यप, सहायक प्राध्यापक (अंग्रेजी अध्ययन विभाग) ने किया. इस अवसर पर प्रो. रंजीत कुमार और जनसंपर्क अधिकारी नरेंद्र कुमार भी उपस्थित थे.

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