Lagata Desk: 28 फरवरी से बंद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खुलने की खबर ने सबको राहत दी. मगर ये राहत बहुत देर तक टिक नहीं सकी. क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के अपने फैसले पर ईरान ने यू-टर्न ले लिया है. इसे पीछे वजह ईरान अमेरिका के किए गए वादे तोड़ने को बता रहा है. दरअसल अमेरिका की ओर से कहा गया था कि ईरान के इस फैसले से उसकी नेवल नाकेबंदी उस रास्ते पर बंद नहीं होगी. जिससे अब ईरान की सेना ने फिर से इस रास्ते पर अपनी पहरा लागू कर दिया है.
इसे लेकर ट्रंप के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए ईरानी सेना के मिलिट्री कमांड ने बयान जारी किया है. कहा है कि अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर हमने पहले जैसा ही पहरा फिर से लगा दिया है. इस रास्ते पर अब ईरान की सशस्त्र बलों की सख्त निगरानी है और सभी इसी के नियंत्रण में है.
साथ ही ईरानी सेना के मिलिट्री कमांड ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अमेरिका जब तक ईरान के बंदरगाहों पर अपनी नाकाबंदी लाए रखेगा, तब तक इस जलमार्ग से जहाजों का आवागमन रूका ही रहा.
ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ये घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड के बयान के बाद आयी है, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि जब तक तेहरान अमेरिका के साथ परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौता नहीं कर लेता, तब तक इस जलमार्ग पर अमेरिकी की नाकाबंदी लागू रहेगी.
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