- जराइल ने लेबनान के त्रिपोली शहर में मौजूद फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप पर हमला किया
- इस युद्ध में मरने वालों की संख्या 1 हजार से ज्यादा हो गयी है.
- अजरबैजान ने ईरान पर ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया है.
Tehran/Tel Aviv : श्री लंका के पास हिंद महासागर में 4 मार्च को युद्धपोत IRIS को अमेरिका द्वारा डुबा दिये जाने पर ईरान आगबबूला है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को चेताते हुए एक्स पर पोस्ट किया.
अमेरिका को इस हमले के लिए पछताना पड़ेगा. अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध के छठे दिन आज ईरान ने पलटवार करते हुए मिडिल ईस्ट के नौ देशों में बने अमेरिकी बेस पर भीषण हमला किया है.
खबरों को अनुसार इस युद्ध में मरने वालों की संख्या 1 हजार से ज्यादा हो गयी है. ईरान ने चेताते हुए कहा है कि अगर अमेरिका और इजराइल ने ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश की तो इजराइल का डिमोना न्यूक्लियर सेंटर उड़ा दिया जायेगा.
हम इस परमाणु केंद्र पर हमला करने से भी गुरेज नहीं करेंगे. ईरान द्वारा आज गुरुवार को अजरबैजान और कतर की राजधानी दोहा में भी ड्रोन हमले किये जाने का खबर है. एपी की रिपोर्ट के अनुसार अजरबैजान ने ईरान पर ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया है.
इस हमले में दो आम नागरिक घायल हुए हैं. अजरबैजान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि ईरान से दागे गये कई ड्रोन उसके क्षेत्र में गिरे हैं, एक ड्रोन नखचिवान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन से टकराया है.
दूसरा ड्रोन शकराबाद गांव में एक स्कूल भवन के पास गिरने की खबर है. एफपी ने जानकारी दी है कि आज गुरुवार को दोहा में धमाकों की आवाज सुनी गयी है.बहरीन के मनामा में भी धमाके हुए हैं,
अल जजीरा का कहना है कि रक्षा प्रणालियां कतर के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली मिसाइलों को मार गिरा रही हैं. एक खबर और है कि इजराइल ने लेबनान के त्रिपोली शहर में मौजूद फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप पर हमला किया है.
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