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ईरान : मुजाहिद्दीन-ए-खल्क और खामेनेई के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के बीच भिड़ंत, सैंकड़ों मारे गये

अली खामेनेई के विश्वस्त इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और मुजाहिद्दीन-ए-खल्क जवानों के बीच भिडंत में मुजाहिद्दीन-ए-खल्क के 100 लड़ाकों के मारे जाने की सूचना है. खबर यह भी है कि IRGC के कई जवान मारे गये हैं, द जेरुशलम पोस्ट ने इस लड़ाई पर रिपोर्ट प्रकाशित की है.
 
  • मोताहारी कॉम्प्लेक्स तेहरान में स्थित बेहद संरक्षित सरकारी परिसर है.
  • यह सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के मुख्यालय का केंद्र है.
  • हिज़्बुल्लाह से जुड़े अल अखबार ने लड़ाई पर मुहर लगाते हुए मारे गये लड़ाकों की संख्या की पुष्टि की है.

Tehran : ईरान से एक बड़ी खबर आयी है. सोमवार सुबह अली खामेनेई की इस्लामी सरकार और उसके विरोधी गुट मुजाहिद्दीन-ए-खल्क(MEK) के बीच भीषण लड़ाई हुई है. द जेरुशलम पोस्ट ने इस लड़ाई पर रिपोर्ट प्रकाशित की है.  


अली खामेनेई के विश्वस्त इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और मुजाहिद्दीन-ए-खल्क जवानों के बीच भिडंत में मुजाहिद्दीन-ए-खल्क के 100 लड़ाकों के मारे जाने की सूचना है. खबर यह भी है कि IRGC के कई जवान मारे गये हैं,


सूत्रों के अनुसार IRGC और मुजाहिद्दीन-ए-खल्क के लड़ाकों के बीच भिडंत तब हुई जब इस शिया-मार्क्सवादी ग्रुप ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के तेहरान हेडक्वार्टर(मोताहारी कॉम्प्लेक्स) के पास हमला किया. 


बता दें कि मोताहारी कॉम्प्लेक्स तेहरान में स्थित बेहद संरक्षित सरकारी परिसर है. यह सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के मुख्यालय का केंद्र है. 


मोताहारी कॉम्प्लेक्स में खामेनेई का हेडक्वार्टर के अलावा इंटेलिजेंस मिनिस्टर का ऑफिस, गार्डियन काउंसिल, एक्सपर्ट्स की असेंबली, ज्यूडिशियरी सेंट्रल ऑफिस, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सहित खामेनेई के बेटे मोजतबा का ऑफिस और आवासीय परिसर है. 


ईरान की सरकारी एजेंसी तस्नीम न्यूज एजेंसी और हिज़्बुल्लाह से जुड़े अल अखबार ने भी इस लड़ाई पर मुहर लगाते हुए मारे गये लड़ाकों की संख्या की पुष्टि की है.


मुजाहिद्दीन-ए-खल्क के प्रवक्ता ने कहा कि सोमवार रात तक 150 से ज़्यादा अन्य  MEK विद्रोही सुरक्षित अपने बेस पर वापस आ गये. कहा कि हम मारे गये और घायल लड़ाकों के नाम इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइज़ेशन को सौंपेंगे.


MEK ने अपने हमले को कामयाब करार दिया है. इसके उलट  ईरान की सरकार से हमले को विफल बता रही है. MEK के अनुसार सोमवार सुबह से दोपहर तक सरकारी सेना के साथ  झड़प चली.  इसमें 100 से ज़्यादा मुजाहिद शहीद हो गये है. कई को हिरासत में लिया गया है, झड़पें सुबह की नमाज के समय शुरू हुईं. 


ईरान की सरकारी एजेंसी के अनुसार MEK को ध्यान देना चाहिए कि ट्रंप दूसरे देशों का फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं. अहम बात यह है कि MEK को पहलवी वंश के शासन काल के अंतिम सालों में टेरर ग्रुप घोषित किया गया था. अली खामेनेई की सरकार ने भी इसे आतंकी  संगठन करार दिया है. 

 

 


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