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ईरान ने 4000 किमी दूर US-UK के सैन्य ठिकाने डिएगो गार्सिया पर मिसाइलें दागीं

अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच जारी युद्ध अब ओमान की खाड़ी तक पहुंच गया है. दोनों देश लगातार मिसाइलें दाग रहे हैं. इस बीच ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया नाम के अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य ठिकानों पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं.
 

Lagatar Desk : अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच जारी युद्ध अब ओमान की खाड़ी तक पहुंच गया है. दोनों देश लगातार मिसाइलें दाग रहे हैं. इस बीच ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया नाम के अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य ठिकानों पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. 

 

अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि एक मिसाइल रास्ते में ही फेल हो गई. जबकि दूसरी को रोकने के लिए अमेरिकी युद्धपोत ने इंटरसेप्टर मिसाइल एसएम-3 दागी. हालांकि यह साफ नहीं है कि वह उसे गिरा पाई या नहीं. 

बता दें कि डिएगो गार्सिया जिस पर 2 मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं, वह ईरान से करीब 4000 किमी दूर है. ईरान की मिसाइलें ने क्षमता से 2000 किमी से कहीं अधिक दूरी तक निशाना बनाया गया है.

 

अमेरिका ने कहा-युद्धविराम पर विचार नहीं किया जा रहा

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों के करीब पहुंच चुका है और जल्द ही मध्य पूर्व में सैन्य कार्रवाई को कम किया जा सकता है. हालांकि उन्होंने साफ किया कि फिलहाल युद्धविराम पर विचार नहीं किया जा रहा है. 

 

अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ाते हुए अतिरिक्त युद्धपोत और हजारों सैनिक तैनात किए हैं. अमेरिका का मुख्य लक्ष्य ईरान की मिसाइल ताकत खत्म करना, उसकी रक्षा इंडस्ट्री को नुकसान पहुंचाना, उसकी नौसेना और वायुसेना को कमजोर करना, उसे परमाणु हथियार बनाने से रोकना और अपने सहयोगियों की सुरक्षा करना शामिल है. 

 

ईरान की चेतावनी-हमलों का दायरा मध्य पूर्व से बाहर भी बढ़ेगा

वहीं, ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अपने जवाबी हमलों का दायरा मध्य पूर्व से बाहर भी बढ़ा सकता है. उसने दुनिया भर में “टूरिस्ट जगहों और सार्वजनिक स्थानों” को निशाना बनाने की धमकी दी है. 

 

इसके अलावा ईरान ने खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों पर ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं. कुवैत की एक बड़ी तेल रिफाइनरी पर भी हमला हुआ, जिससे आग लग गई. वहीं यूएई को भी चेतावनी दी है कि अगर हमला हुआ तो उसके शहरों को निशाना बनाया जाएगा. 

 

खाड़ी देशों के तेल ठिकानों पर ड्रोन हमलों और यूएई को दी गई धमकियों से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. 

 

नेतन्याहू का दावा-ईरान की सैन्य ताकत को हुआ भारी नुकसान

इसी बीच, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि अमेरिका और इजराइल की संयुक्त कार्रवाई से ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान हुआ है. वहीं ईरान ने कहा है कि वह आत्मरक्षा  में यह सब कर रहा है. साथ ही उसने जापान से जुड़े जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से गुजरने देने का संकेत दिया है. 

 

 

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