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ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन ने मिडिल ईस्ट के देशों पर किये गये हमलों के लिए खेद जताया

पेजेशकियन ने मिडिल ईस्ट के देशों पर माफी मांगते हुए कहा कि ईरान अब इन हमलों को रोक देगा. कहा कि यह घटनाएं सैन्य तंत्र की गलतफहमी के कारण हुईं.
 
  • ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण करे, पेजेशकियन ने अमेरिका की मांग को सपना करार दिया
  • खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध के खत्म होने के आसार अभी नजर नहीं आ रहे हैं
  • सऊदी अरब के रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान और पाकिस्तान के आसिम मुनीर ने रियाद में बैठक की

Tehran : ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने आज शनिवार को मिडिल ईस्ट के देशों पर किये गये हमलों के लिए खेद जताया. साथ ही उन्होंने अमेरिका की यह मांग कि ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण करे, सपना करार दिया.

 

राष्ट्रपति ने कहा कि यह एक ऐसा सपना है, जिसे अमेरिका को अपनी कब्र तक ले जाना होगा. इस क्रम में पेजेशकियन ने मिडिल ईस्ट के देशों पर माफी मांगते हुए कहा कि ईरान अब इन हमलों को रोक देगा. कहा कि यह घटनाएं सैन्य तंत्र की गलतफहमी के कारण हुईं.

 

हालांकि उनका बयान आज उस समय आया है, जब आज शनिवार सुबह ही ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के कई देशों बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात पर हमले तेज किये हैं. दुर्भाग्य यह है कि खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध के खत्म होने के आसार अभी नजर नहीं आ रहे हैं.

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने इजराइल को 151 मिलियन डॉलर के नये हथियार बेचने पर मुहर लगा दी है. ट्रंप का कहना है कि जब तक ईरान बिना शर्त सरेंडर नहीं करेगा,  तब तक अमेरिका उससे कोई बातचीत नहीं करेगा.

 

अमेरिका ने खुफिया एजेंसियों के हवाले से कहा है कि रूस ने ईरान को ऐसी सूचनाएं मुहैया कराई है, जिनसे ईरान को अमेरिकी युद्धपोतों, विमानों और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने में मदद मिल सकती है. हालांकि यह भी कहा कि अभी तक इस संबंध में ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है कि रूस सीधे ईरान को हमले के निर्देश दे रहा है.  

 

इसी बीच खबर आयी है कि आज शनिवार को सऊदी अरब के रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान और पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने रियाद में बैठक की है. दोनों नेताओं ने ईरान के हमलों को रोकने के तरीकों पर मंथन किया है. अहम बात यह है कि सऊदी अरब और परमाणु शक्ति संपन्न पाकिस्तान के बीच रक्षा समझौता है.

 

इसके अनुसार किसी एक देश पर हमला दोनों पर हमला माना जायेगा. मिडिल ईस्ट में जारी संकट के बीच कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिये इंटरव्यू में चेताया है.

 

ऊर्जा मंत्री ने कहा  कि अगर खाड़ी देशों से ऊर्जा निर्यात बंद हुआ तो तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है. जान लें कि शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गयी है.  

 

 

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