New Delhi : देश के पास पेट्रोलियम का पर्याप्त भंडार है.पेट्रोलियम मंत्रालय के उच्च अधिकारियों ने यह जानकारी दी है. कहा है कि वर्तमान समय में देश में कच्चे तेल का 25 दिन का अतिरिक्त भंडार है.
साथ ही शोधित उत्पादों का भी 25 दिन का अतिरिक्त भंडार मौजूद है. यानी देश में कुल भंडार सात सप्ताह से अधिक का है. अमेरिका-इजरायल-ईरान वार को लेकर मिडिल ईस्ट में जारी संकट के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने अपनी स्थिति साफ की है.
सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचना से सावधान रहें
— Hindustan Petroleum Corporation Limited (@HPCL) March 7, 2026
सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो के माध्यम से यह दावा किया जा रहा है कि होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति के कारण भारत में पेट्रोल और डीज़ल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और लोगों को तुरंत पेट्रोल पंप जाकर अपनी गाड़ियों की टंकी भरवा… pic.twitter.com/FdUdDpozE5
कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति चैन में जारी बाधा के बीच सरकारी अधिकारियों ने अफवाहों से बचने की सलाह दी है.अधिकारियों ने बताया कि देश में कुल अतिरिक्त भंडार 25 करोड़ बैरल (लगभग 4,000 करोड़ लीटर) का है.
अधिकारियों ने जानकारी दी कि रूस, अमेरिका, पश्चिम अफ्रीका सहित मध्य एशिया से आयात लगातार जारी है. मीडिया में चल रही खबरों को गलत करार दिया है कि देश के पास सिर्फ 25 दिन का कच्चा तेल बचा है.
वर्तमान में भारत छह महादेशों के 40 देशों से कच्चे तेल और पेट्रोलियम का आयात करता है. अधिकारियों के अनुसार भारत होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर पूरी तरह से निर्भर नहीं है.
देश की रिफायनिंग कंपनियों की कुल शोधन क्षमता 25.8 करोड़ टन सालाना की है, जबरि घरेलू मांग इससे कम 21-23 करोड़ टन सालाना है.
अहम बात यह है कि पेट्रोल में एथेनॉल के 20 प्रतिशत मिलाने की अनिवार्यता के कारण हर साल 4.4 करोड़ बैरल (लगभग 60 लाख टन) की आयात निर्भरता कम होती है.
अधिकारियों के अनुसार यदि होर्मुज जलडमरूमध्य से आयात पूरी तरह से बंद भी हो जायेगा, उस स्थिति में भी देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं होगी.
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