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अमेरिकी हमले के समय ईरान का जहाज IRIS भारतीय जलक्षेत्र से बाहर था

विशाखापत्तनम में  इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू कार्यक्रम में आईआरआईएस देना (IRIS Dena)  शामिल हुआ था. लौटते समय 4 मार्च को उसे श्री लंका पास हिंद महासागर में अमेरिका ने पनडुब्बी से हमला कर डुबा दिया.
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 New Delhi :  भारतीय नौसेना के हाल ही में 16 फरवरी से 25 फरवरी तक विशाखापत्तनम में  इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू कार्यक्रम का आयोजन किया था.

इसमें ईरान का जहाज आईआरआईएस देना (IRIS Dena)  शामिल हुआ था. लौटते समय 4 मार्च को उसे श्री लंका पास हिंद महासागर में अमेरिका ने पनडुब्बी से हमला कर डुबा दिया.

ईरान के अनुसार वह भारतीय नौसेना का मेहमान' था, जिस पर बिना किसी पूर्व चेतावनी के अमेरिका ने हमला कर दिया. अब खबर आयी है कि भारत सरकार ने ईरान के दावे को खारिज करते हुए कहा है कि 25 फरवरी को भारतीय जलक्षेत्र से बाहर जाने के बाद यह जहाज भारत का मेहमान नहीं था.

 

 

 

भारत ने कहा कि हमारा इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है. जानकारी के अनुसार IRIS Dena   16 फरवरी से 25 फरवरी तक विशाखापत्तनम में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) में शामिल हुआ था.

वह शुक्रवार, 25 फरवरी को ही भारत से वापस लौट गया था. 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध शुरू हुआ. सूत्रों के अनुसार युद्ध शुरू होने के बाद ईरानी युद्धपोत ने भारत से किसी भी तरह की कोई मदद की गुहार नहीं लगाई थी.  

हमला होने के समय  वह भारतीय सीमा से बाहर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मौजूद था. जान लें कि अमेरिका की वर्जीनिया क्लास पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में IRIS Dena  पर   4 मार्च को खतरनाक हमला किया था.

हमले के बाद जहाज डूब गया था. ईरानी युद्धपोत ने सुबह 5:08 बजे श्रीलंकाई नौसेना को संकट का संदेश  भेजा था.    

 

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