Search

 
 
 

अमेरिका-ईरान डील इजरायल को रास नहीं आयी, कहा, समझौता हमारे लिए बाध्यकारी नहीं

इजरायल का कहना है कि वह कोई बनाना रिपब्लिक (कमजोर या पिछड़ा देश) नहीं है. ट्रंप द्वारा किया गया समझौता हमारे लिए  बाध्यकारी नहीं है.काट्ज़ ने अपना इरादा जाहिर करते हुए कहा कि इजराइल लेबनान के साथ-साथ सीरिया और गाज़ा पट्टी में अपने कब्ज़े वाले इलाकों में अनिश्चित काल तक बने रहने की योजना बना रहा है.
 
रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़

Tel Aviv : अमेरिका-ईरान डील इजरायल को रास नहीं आ रही है,  इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने आज सोमवार को स्पष्ट रूप से कहा कि लेबनान से कब्जा की गयी जमीन इजरायल वापस नहीं करेगा.

 

आरोप है कि इजरायल ने पिछले ढाई वर्षों में इजरायल ने गाज़ा, लेबनान और सीरिया में कुल1,000 वर्ग किलोमीटर इलाके पर नियंत्रण कर लिया है. इजरायल ने कहा कि जब तक ईरान-अमेरिका के बीच अंतरिम समझौता लंबित है, तब तक इजरायल लेबनान में कब्ज़े वाली ज़मीन से पीछे नहीं हटेगा.

 

इजरायल का कहना है कि वह कोई बनाना रिपब्लिक (कमजोर या पिछड़ा देश) नहीं है. ट्रंप द्वारा किया गया समझौता हमारे लिए  बाध्यकारी नहीं है.काट्ज़ ने अपना इरादा जाहिर करते हुए कहा कि इजराइल लेबनान के साथ-साथ सीरिया और गाज़ा पट्टी में अपने कब्ज़े वाले इलाकों में अनिश्चित काल तक बने रहने की योजना बना रहा है.  

 

अहम बात यह है कि ईरान अपने  समझौते को लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर इज़रायल के हमलों को रोकने वाली शर्त को  जोड़ा है. काट्ज़ ने कहा है कि अगर ईरान लेबनान में इज़राइली हमलों को लेकर इज़राइल पर हमला करता है, तो इजरायल ईरान पर ज़बरदस्त वार करेगा.

 

इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बेन-ग्विर ने एक कदम आगे बढ़ कर कहा, इज़रायल अमेरिका के अधीन नहीं है, इज़रायल स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र हैं. उन्होंने कहा कि ट्रंप का समझौता हमें बाध्य नहीं करता. उधर समझौते को लेकर पाकिस्तान ने कहा है कि इज़रायल-अमेरिका इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए शुक्रवार को जिनेवा में  मिलेंगे. 
 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें. 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही