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पर्यावरणीय शोध को समाज से जोड़ना जरूरी : राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार

Jamshedpur: झारखंड के राज्यपाल-सह राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य का आपसी संबंध अत्यंत गहरा और संवेदनशील है. औद्योगिकीकरण, शहरीकरण, बढ़ता प्रदूषण और बदलती जीवन-शैली के कारण आज मानव स्वास्थ्य से जुड़ी अनेक नई चुनौतियाँ सामने आ रही हैं. उन्होंने ये बातें जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन EMSI के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहीं. सम्मेलन का विषय Environmental Mutagenesis and Epigenomics in Relation to Human Health है.


राज्यपाल ने कहा कि हवा, पानी, मिट्टी और भोजन के माध्यम से फैल रहा प्रदूषण मानव शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है, जिससे आनुवांशिक विकारों और जटिल स्वास्थ्य समस्याओं में वृद्धि हो रही है. उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह सम्मेलन केवल समस्याओं की पहचान तक सीमित न रहकर व्यावहारिक और प्रभावी समाधानों पर भी ठोस चर्चा करेगा और इसके निष्कर्ष समाज के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे.


कुलाधिपति के रूप में उन्होंने कहा कि वे झारखंड में उच्च शिक्षा और शोध की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं. उनका उद्देश्य है कि राज्य के विश्वविद्यालय देश के अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों में स्थान बनाएं. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें शोध, नवाचार और सामाजिक समाधान का केंद्र बनना चाहिए.

 


राज्यपाल ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चल रहे विकसित भारत @2047 , स्वच्छ भारत अभियान, नमामि गंगे और पर्यावरण संरक्षण जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं. उन्होंने युवा शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों से सामाजिक संवेदनशीलता के साथ अनुसंधान करने का आह्वान किया.

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