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सांस्कृति कार्यक्रम नहीं बल्कि राजस्थान के मारवाड़ी समाज की पारंपरिक विरासत है- राज्यपाल

Ranchi: राज्यपाल संतोष गंगवार ने झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन व मारवाड़ी सहायक द्वारा आयोजित मारवाड़ी महोत्सव को संबोधित किया. कहा कि यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं,
 

Ranchi: राज्यपाल संतोष गंगवार ने झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन व मारवाड़ी सहायक द्वारा आयोजित मारवाड़ी महोत्सव को संबोधित किया. कहा कि यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राजस्थान के मारवाड़ी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक, सामाजिक और पारंपरिक विरासत को झारखंड की धरती पर जीवंत रूप में प्रस्तुत करने का सराहनीय प्रयास है. राज्यपाल शुक्रवार को हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन में मारवाड़ महोत्सव को संबोधित कर रहे थे.


राज्यपाल ने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से विविध सांस्कृतिक परंपराएं, पारंपरिक वेशभूषा, व्यंजन, हस्तशिल्प कला, प्रदर्शनी और अनेक रचनात्मक गतिविधियां एक मंच पर देखने को मिल रही हैं. यह आयोजन न केवल संस्कृति को सहेजने का कार्य कर रहा है, बल्कि आपसी सौहार्द, सामाजिक समरसता और सहज नागरिकता का भी सुंदर उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है.


उन्होंने कहा कि विविधता में एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है और परोपकार से बड़ा कोई पुण्य नहीं होता. मारवाड़ी समाज ने अपने आचरण और कार्यों से इस कथन को साकार किया है.


राज्यपाल ने मारवाड़ी समाज की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज व्यापार, उद्योग, शिक्षा, सेवा और परोपकार के क्षेत्र में निरंतर अग्रणी रहा है. आर्थिक विकास में इसके योगदान के साथ-साथ, जहां भी मारवाड़ी समाज ने कार्य किया है, वहां स्थानीय संस्कृति के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आर्थिक सहयोग और सामाजिक सहभागिता की मिसाल पेश की है.


उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज देश की एकता और सांस्कृतिक बहुलता का सशक्त प्रतीक है और यही कारण है कि यह समाज राष्ट्र की अखंडता और समरसता का उदाहरण बनकर उभरा है. मारवाड़ी महोत्सव ने संस्कृति, सौहार्द और सामाजिक चेतना को एक सूत्र में पिरोते हुए अमूल्य जीवन मूल्यों का सजीव प्रदर्शन किया.

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