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झा. विस: सत्येंद्र नाथ तिवारी ने शिक्षा, नगर विकास व सड़क योजनाओं पर उठाए सवाल

Ranchi : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने राज्य के बजट और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि सरकार का बजट देखने में बड़ा लगता है लेकिन इसका लाभ जमीन पर नहीं दिख रहा है. उन्होंने बजट की तुलना हवा मिठाई से करते हुए कहा कि यह बाहर से बड़ा दिखाई देता है लेकिन अंदर से खाली है.

 

सत्येंद्र नाथ तिवारी ने शिक्षा विभाग की स्थिति पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना पर्याप्त तैयारी के प्लस टू के करीब तीन लाख विद्यार्थियों को महाविद्यालयों से हटाकर हाई स्कूलों में भेज दिया, जबकि वहां पर्याप्त शिक्षक और कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा की स्थिति भी चिंताजनक है.

 

स्वीकृत 531 पदों के मुकाबले केवल 112 शिक्षक कार्यरत हैं, जिससे करीब 79 प्रतिशत पद खाली हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने 13 मॉडल कॉलेज और 17 नए महाविद्यालय खोलने का वादा किया था, लेकिन उनमें से केवल कुछ ही आंशिक रूप से शुरू हो पाए हैं.

 

विधायक ने नगर विकास विभाग के कामकाज पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राज्य के कई जिलों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था नहीं है. गढ़वा में कचरा प्लांट लगाने के मामले में नियमों के उल्लंघन का आरोप भी लगाया गया, जिस पर अदालत ने रोक लगा दी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गढ़वा नगर पंचायत ने सरकारी जमीन पर अवैध रूप से दुकानें बनवाईं और दुकानों के आवंटन के नाम पर लोगों से बड़ी रकम ली गई.

 

सत्येंद्र नाथ तिवारी ने जलाशयों के संरक्षण के मुद्दे को भी उठाया. उन्होंने कहा कि गढ़वा के सोनपुरवा में स्थित रामबाण तालाब को मिट्टी से भरकर वहां नगर पंचायत का कार्यालय बनाने की कोशिश की जा रही है, जो अदालत के निर्देशों के खिलाफ है.

 

पथ निर्माण विभाग को लेकर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि विभाग में अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं. उन्होंने गढ़वा में एक सड़क की मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने पर सवाल उठाया और कुछ सड़क परियोजनाओं की आवश्यकता पर भी संदेह जताया.

 

उन्होंने एक सड़क टेंडर को लेकर भी अनियमितता का आरोप लगाया. उनका कहना था कि कुछ मामलों में योग्य संवेदकों को टेंडर प्रक्रिया से हटाकर अन्य लोगों को अधिक दर पर काम देने की कोशिश की गई. अपने संबोधन के अंत में सत्येंद्र नाथ तिवारी ने इन सभी मामलों की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की. उन्होंने कहा कि जनता के हित में सरकार को इन मुद्दों पर गंभीरता से कदम उठाना चाहिए.

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