Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने नगर विकास, पर्यटन, वन एवं पर्यावरण, पथ निर्माण और शिक्षा विभागों के बजट आवंटन का समर्थन किया. उन्होंने विपक्ष द्वारा लाए गए कटौती प्रस्तावों का विरोध करते हुए कहा कि यह बजट झारखंड की आकांक्षाओं, भविष्य और स्वाभिमान का प्रतीक है.
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सदन को संबोधित करते हुए कल्पना मुर्मू सोरेन ने वित्त मंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि राज्य का कुल बजट 86 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर अब 1 लाख 58 हजार करोड़ रुपये हो गया है. उन्होंने कहा कि यह करीब 70 प्रतिशत की वृद्धि है और यह वृद्धि केवल आंकड़ों में ही नहीं बल्कि राज्य के विकास में भी दिखाई दे रही है. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें झारखंड की प्रगति को भी स्वीकार करना चाहिए.
उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के 40 छात्रों ने जेईई मेंस परीक्षा में सफलता हासिल की है. उन्होंने इसे गरीब परिवारों के बच्चों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा के लिए 18 हजार 816 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो कुल बजट का लगभग 12 प्रतिशत है.
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में 100 नए स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, 23 इंजीनियरिंग कॉलेज और डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर एक विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना है. युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष 38 हजार करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित किया गया है.
कल्पना मुर्मू सोरेन ने राज्य की प्राकृतिक और ऐतिहासिक विरासत का भी जिक्र किया. उन्होंने साहिबगंज के फॉसिल पार्क का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां करोड़ों वर्ष पुराने जीवाश्म मौजूद हैं और सरकार ऐसे स्थलों को वैज्ञानिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए इस वर्ष 3 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है और लाह को कृषि उत्पाद का दर्जा दिया गया है.
सड़क निर्माण के क्षेत्र में उन्होंने कहा कि राज्य में सड़कों की लंबाई 5400 किलोमीटर से बढ़कर 15000 किलोमीटर तक पहुंच गई है. इस वर्ष 785 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण और 35 फ्लाईओवर बनाने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय से भी आग्रह किया कि झारखंड से अधिक राजस्व मिलने के बावजूद यहां रेलवे सुविधाओं की कमी है, जिसे दूर करने की जरूरत है.
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने विपक्ष से कटौती प्रस्ताव वापस लेने और राज्य के विकास में सहयोग करने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह बजट जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने, सड़कों का विस्तार करने और युवाओं को अवसर देने वाला बजट है. उन्होंने जय हिंद और जय झारखंड के नारे के साथ अपनी बात समाप्त की.
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