Ranchi: झारखंड विधानसभा में वर्ष 2025-26 की अनुपूरक अनुदान की मांगों पर चर्चा के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक आलोक कुमार सोरेन ने सरकार का पक्ष मजबूती से रखा. उन्होंने कहा कि बजट एक जीवंत और सतत प्रक्रिया है और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 205 के तहत अनुपूरक अनुदान राज्य की विकासात्मक और जनकल्याणकारी जरूरतों को पूरा करने का संवैधानिक प्रावधान है.
विधायक ने कहा कि झारखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे कर चुका है, लेकिन पूर्व की बीजेपी सरकारों के दौरान बुनियादी ढांचा सुदृढ़ नहीं हो पाया. उन्होंने दावा किया कि अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य विकास की पटरी पर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने वर्तमान सरकार को गांव की सरकार बताते हुए कहा कि जब गांव मजबूत होगा, तभी राज्य और देश मजबूत होंगे. उन्होंने पेसा एक्ट लागू कर ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने के फैसले की सराहना की.
आलोक कुमार सोरेन ने सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत अधिकारी गांव-गांव पहुंच रहे हैं. मंईयां सम्मान योजना के माध्यम से महिलाओं को सम्मान और आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है. सर्वजन पेंशन योजना से बुजुर्गों को लाभ मिल रहा है. गरीब परिवारों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का निर्णय लिया गया है. इसके अलावा अबुआ आवास योजना और फूलो झानो आशीर्वाद योजना जैसी योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं.
विधायक ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गैर बीजेपी शासित राज्यों में चुनाव आयोग की प्रक्रिया के माध्यम से मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है, जैसा बिहार और पश्चिम बंगाल में देखा गया. उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में एक खतरनाक विमर्श तैयार किया जा रहा है, जिसमें मुस्लिमों को बांग्लादेशी या पाकिस्तानी, आदिवासियों को नक्सली और युवाओं को देशद्रोही बताने की प्रवृत्ति बढ़ रही है.
आलोक कुमार सोरेन ने कहा कि केंद्र सरकार संघीय ढांचे को कमजोर कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड का 1,36,000 करोड़ रुपये का कोयला रॉयल्टी बकाया है, जिसे जारी नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह राशि राज्य के गरीबों और विकास कार्यों के लिए आवश्यक है. सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य सरकार विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है.
विधायक ने कहा कि ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर चुनी हुई, सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि एक आदिवासी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बिना उचित कारण जेल भेजा गया. उन्होंने केंद्र सरकार के हालिया बजट को भी जनविरोधी बताते हुए कहा कि उसमें रोजगार सृजन और महंगाई नियंत्रण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है.
अपने वक्तव्य में उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व की तुलना करते हुए कहा कि जहां एक ओर प्रधानमंत्री एआई समिट को प्रचार का माध्यम बना रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन संवेदनशीलता के साथ सामाजिक मुद्दों पर कार्य कर रहे हैं.
उन्होंने अंग दान करने वाली बच्ची अलीन सेराफिन अब्राहम के माता-पिता की सराहना का उदाहरण दिया. साथ ही पीएम केयर्स फंड की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी जानकारी आरटीआई के माध्यम से भी उपलब्ध नहीं है.
अंत में आलोक कुमार सोरेन ने तृतीय अनुपूरक अनुदान मांगों का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और जल, जंगल और जमीन की रक्षा के साथ राज्य विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा.
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