Bihar : पूर्वी चंपारण के पताही प्रखंड में जंगली सियार का आतंक देखने को मिला है, जहां सियार के काटने से दो ग्रामीणों की मौत हो गई. इसके बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले नारायणपुर गांव निवासी दीनानाथ राउत को सियार ने काट लिया था. परिजनों ने कई जगह उनका इलाज कराया. मगर उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ. सोमवार देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
वहीं, पताही के जिहुली गांव के गनी साह के घर में घुस कर 10 जुलाई को एक सियार ने उनकी गर्दन पर हमला कर दिया था. इसके बाद से उनका इलाज चल रहा था, लेकिन उनकी हालत लगातार खराब होती गई और मंगलवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया.
ग्रामीणों के अनुसार, 10 जुलाई को जिहुली गांव में सियार ने कई लोगों पर हमला कर घायल कर दिया था. अचानक हुए हमलों के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई थी.
कई घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां सियार के काटने के बाद लगाए जाने वाले आवश्यक एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं थे. मजबूर होकर कई घायलों को इलाज के लिए शिवहर और ढाका के अस्पतालों का रुख करना पड़ा. ग्रामीणों का कहना है कि समय पर जरूरी उपचार नहीं मिलने से परेशानी और बढ़ गई. इस कारण दो लोगों की मौत हो गई. लगातार हो रहे सियार के हमले से गांव में दहशत का माहौल है.
शाम होते ही लोग अपने घर घुस जा रहे है. बच्चों-महिलाओं को घर से बाहर जाना बंद करा दिया गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार हमलों और शिकायतों के बावजूद सियार को पकड़ने के लिए अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. लोगों का कहना है कि पहले भी वन विभाग और प्रशासन से विशेष अभियान चलाकर सियार को पकड़ने की मांग की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण अब दो ग्रामीणों की जान चली गई.
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