Search

जादूगोड़ा: कुलामारा गांव में सरहुल पूजा की धूम, निकाली गई शोभा यात्रा

Jadugoda : जादूगोड़ा थाना अंतर्गत कुलामारा गांव में सरहुल पूजा सोमवार को उत्सव के रंग में रंगी दिखी. इस अवसर पर भव्य शोभा यात्रा निकाली गई. यहां बताते चले कि नाया श्री कृष्ण सिंह, देवरी अजित सिंह ने हादी बोंगा (सरहूल) आयोजित किया गया जिसमें ग्राम कुलामाडा़ के जाहेरथान में पूजा-अर्चना कर गांव में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की गई.

Uploaded Image

इस मौके पर कुलामारा ग्राम की ओर से पुरुषोत्तम सिंह, सुभाष सिंह, विश्ववर सिंह, शिवनाथ सिंह, गुरा सिंह, गिरोस सिंह, रीमा सिंह, श्यामल भुमिज, जोगेश्वर सिंह, श्रीमती फुलकुमारी सिंह, सावित्री सिंह, भाग्य भूमिज, गुरुवारी सिंह, ओहिला सिंह, मंनतोला सिंह, बेलवती सिंह, तरंगिणी भुमिज, सरोजिनी सिंह बोसोमती सिंह,लोलिता सिंह, कल्पना सिंह, भुवानी सिंह, बड़ी संख्या में महिलाएं नृत्य करते हुए नाया एवं देवरी का स्वागत किया और सखुआ फूल प्राप्त किया. 

Uploaded Image

बताते चले कि राज्य में सरहूल पर्व आदिवासी समुदायों के बीच बंसत ऋतु में मनाया जाता है. विभिन्न जन जाति द्वारा अलग- अलग नामों से जाना जाता है.

 

भूमिज जन जाति के द्वारा सरहूल को हादी बोंगा भी कहा जाता है जिसमें भूमिज देवरी के द्वारा जाहेरथान में साल वृक्ष के नीचे एक दिन पूर्व साफ-सफाई कर गोबर से निपाई किया जाता है फिर दूसरे दिन सोमवार को सुबह ग्राम नाया (पुजारी) पूजा सामग्री मसलन सिंदुर, धुना, अरवा चावल, चुडा़, लड्डू, सखुआ फूल, महुआ फुल, आम फूल, गुलाची फूल और दो मुर्गा एक काली रंग मुर्गी लेकर जाहेरथान में पहुंचते हैं.

 

जाहेरथान में खिचड़ी भोग बनने के बाद पुनः पकाया हुआ चढ़ाने के बाद खिचड़ी भोग प्रसाद के रूप में करते हैं. फिर जाहेरथान में नमन कर सखुआ फूल प्राप्त कर पुरुष अपने कान में लगते हैं और अरवा चावल गुंडी से दोनों गालों पर लगा कर बसंत ऋतु के आने की खुशी मनाते हैं.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp