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जादूगोड़ा: यूरेनियम विकिरण के दुष्प्रचार के खिलाफ यूसीएल का जन जागरूकता सम्मेलन

Jadugoda: यूरेनियम विकिरण के दुष्प्रचार के खिलाफ यूसीएल ने आज बुधवार को जादूगोड़ा क्लब भवन में जन जागरूकता सम्मेलन किया. इस सम्मेलन के जरिए यूसीएल ने आम लोगों के मन में फैले भ्रम को खत्म किया गया. सम्मेलन में जादूगोड़ा, नरवा पहाड़, राखा कॉपर समेत यूरेनियम प्रोजेक्ट के आसपास के 10 गांव के माझी बाबा, ग्राम प्रधान, शिक्षक और छात्र शामिल हुए. 

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इस दौरान यूरेनियम के दुष्प्रभाव को लेकर ग्रामीणों के मन में चल रहे कैंसर के बढ़ते कदम, नदी में प्रदूषित पानी छोड़े जाने के प्रभाव, यूरेनियम के अवशेष वापस जादूगोड़ा में खपाने जैसे संवेदनशील सवालों के जवाब वैज्ञानिकों ने दिया. सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में बी.ए.आर.सी मुंबई के वैज्ञानिक डॉ. व्योम सक्सेना और जादूगोड़ा यूनिट प्रभारी सह वैज्ञानिक एम.के सेठी ने शिरकत की. वैज्ञानिकों ने तथ्यों के साथ सवालों का जवाब दिया. ताकि आमलोगों के मन में कोई भ्रम या संशय नहीं रहे. सम्मेलन में आए आमलोग भी वैज्ञानिक के जवाब से संतुष्ट  नजर आए. 


राजदोहा गांव के माझी बाबा माझी युवराज टुडू ने यूसीएल के विकिरण जागरूकता अभियान की प्रशंसा की. उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे अभियान की सफलता के लिए स्थानीय भाषा ‘ओलचिकी’ के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाए. ताकि स्थानीय लोग भी यूरेनियम विकिरण को लेकर बैठे भ्रम को दूर कर सकें. कार्यक्रम में यूसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ. कंचम आनंद राव ने कहा कि, झारखंड के जादूगोड़ा में यूरेनियम उत्पादन से छात्रों के चेहरे पर मुस्कान, गरीबी उल्मूलन, देश की तरक्की का मुख्य घटक है. अब उन्हें यूरेनियम को लेकर पड़ोसी देशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है.

 

उन्होंने आगे कहा कि इस यूरेनियम प्रोजेक्ट में यूरेनियम प्रसंस्करण में हर एक ग्राम यूरेनियम आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा सुनिश्चित करेगी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना 24/ 7 बिजली आपूर्ति संभव है. 


समारोह के विशिष्ट अतिथि वैज्ञानिक डॉ. बी. सक्सेना व जादूगोड़ा बार्क के प्रभारी एम.के सेठी ने कहा कि, यूरेनियम उत्पादन में सुरक्षा मानकों का पूरा ख्याल रखा जाता है. उन्होंने परमाणु ऊर्जा के विस्तार व उसके सुरक्षित उत्पादन के बारे में लोगों को बताया. साथ ही कहा कि, ऊर्जा का एक रूप विकिरण है. स्वस्थ्य रहने के लिए विकिरण फायदेमंद है. उन्होंने कहा कि विकिरण से फायदा ज्यादा है. धारणा व भ्रम को दूर करने की जरूरत है. इसका उपयोग स्वास्थ्य के लिए करना नुकसान दायक नहीं है.

 
इसके पूर्व यूसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निर्देशक डॉ कंचम आनंद राव, विशिष्ट अतिथि  बी.ए.आर.सी मुंबई के वैज्ञानिक डॉ. बी. सक्सेना, जादूगोड़ा बार्क यूनिट के प्रभारी एम के सेठी, कार्यकारी निर्देशक एम.के सिंघई ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. कार्यक्रम का संचालन जादूगोड़ा मिल सुप्रिटेंडेंट राजा सिन्हा व देवाशीष सतपति ने की. जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पी.के अधिकारी ने की.

 


ये हुए शामिल 

सम्मेलन में में जादूगोड़ा, नरवापहाड़, राखा कॉपर के माझी बाबा, ग्राम प्रधान के रूप में माझी युवराज टुडू, शिव चरण मुर्मू, सुभाष सिंह, यूनियन नेता भरत किस्कू,  सुरजीत सिंह और कंपनी के वरीय अधिकारियों की ओर से यूसीएल के महाप्रबंधक मनोज कुमार, कंपनी सचिव बी.सी गुप्ता, प्रशासनिक अधिकारी एस.के सेनगुप्ता, आई.एस.ओ हेड डॉ. के.के राव, उपमहाप्रबंधक राकेश कुमार, डॉ. चौहान, अभिषेक बर्मा, चंदन झा, डॉ. पी.के अधिकारी, आर.के मिश्रा (कार्पोरेट प्लानिंग) गिरीश गुप्ता,  स्टेलिन हेंब्रम समेत कई वरीय अधिकारी शामिल हुए.

 

 

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