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HC के आदेश को ताक पर रख रिम्स की जमीन पर जेल अधिकारी का कब्जा! निर्माण रोकने व मजदूरों से मारपीट का आरोप

रिम्स परिसर की सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर नया विवाद सामने आया है. आरोप है कि जेल विभाग के एक अधिकारी ने रिम्स परिसर के उस हिस्से पर कब्जा कर लिया है, जिसे मूल रूप से आम आवागमन के लिए छोड़ा गया था.
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Ranchi :  रिम्स परिसर की सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर नया विवाद सामने आया है. आरोप है कि जेल विभाग के एक अधिकारी ने रिम्स परिसर के उस हिस्से पर कब्जा कर लिया है, जिसे मूल रूप से आम आवागमन के लिए छोड़ा गया था.

 

बताया जा रहा है कि अधिकारी ने जमीन के एक हिस्से पर बाउंड्री निर्माण कर रास्ते को संकरा कर दिया, जिसके कारण अब चहारदीवारी निर्माण कार्य भी विवादों में घिर गया है. मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब हाईकोर्ट के निर्देश पर रिम्स परिसर में कराए जा रहे चहारदीवारी निर्माण कार्य के दौरान विरोध और हंगामे की स्थिति बन गई.

 

निर्माण एजेंसी का आरोप है कि कार्यस्थल पर पहुंचे लोगों ने मजदूरों को धमकाया, काम रुकवाया और जेसीबी चालक को भी वहां से भगा दिया. सूत्रों के मुताबिक, जिस जमीन को लेकर विवाद है, वह सरकारी उपयोग और रास्ते के लिए चिह्नित थी.

 

आरोप है कि जेल विभाग के अधिकारी ने करीब पांच फीट भूमि को अपने कब्जे में लेकर वहां बाउंड्री खड़ी कर दी. इसके बाद से रास्ते को लेकर लगातार विवाद बना हुआ है. निर्माण एजेंसी ने इस पूरे मामले की जानकारी झारखंड भवन निर्माण निगम को दी है.

 

एजेंसी ने बताया है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद निर्माण कार्य में बाधा पहुंचाई जा रही है. एजेंसी का दावा है कि कुछ लोगों ने मौके पर पहुंचकर पहले रास्ते से जुड़े विवाद को सुलझाने की बात कही और निर्माण कार्य रोकने का दबाव बनाया.

 

अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि सरकारी जमीन पर वास्तव में कब्जा किया गया है तो संबंधित विभाग अब तक कार्रवाई क्यों नहीं कर पाया. वहीं हाईकोर्ट के निर्देश पर चल रहे कार्य में बाधा पहुंचने से भी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

 

रिम्स परिसर की जमीन, कथित अतिक्रमण और निर्माण कार्य में बाधा को लेकर यह मामला अब प्रशासनिक और कानूनी दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है. यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो सरकारी जमीन पर कब्जा और न्यायालय के आदेश वाले कार्य में व्यवधान डालने के मामले में संबंधित लोगों पर कार्रवाई की मांग तेज हो सकती है.

 

 

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