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जेल में भोजन की गुणवत्ता में कमी हुई तो जेलर जिम्मेदार : हाईकोर्ट

Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल, होटवार समेत राज्य की सभी जेलों में कैदियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच का आदेश दिया है. कोर्ट ने झारखंड लीगल सर्विस अथॉरिटी (झालसा) और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के चेयरमैन और सेक्रेटरी को जेलों का औचक निरीक्षण कर दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है. 

 

गुरवार को हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ आकाश कुमार राय की क्रिमिनल अपील पर सुनवाई कर रही थी. सुनवाई के दौरान कोर्ट के 18 नवंबर 2025 के आदेश के अनुपालन में जेल अधीक्षक सुदर्शन मुर्मू और जेलर लौकुश कुमार कोर्ट में पेश हुए. जेलर ने कोर्ट को बताया कि अब कैदियों को जेल मैनुअल के अनुसार भोजन दिया जा रहा है.

 

गृह सचिव और आईजी जेल ने भी शपथ पत्र दाखिल कर बताया कि राज्य के सभी जेलों में भोजन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है. कोर्ट ने झालसा के सदस्य सचिव को सभी डालसा चेयरमैन को आदेश की प्रति भेजने और सभी डालसा चेयरमैन व सेक्रेटरी को जेलों का औचक निरीक्षण कर दो सप्ताह में भोजन की गुणवत्ता पर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है.

 

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भोजन की गुणवत्ता में कमी या किसी भी अनियमितता के लिए अब जेलर सीधे जिम्मेदार होंगे. इस  मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 दिसंबर की तिथि निर्धारित की गई है.

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