Ranchi: डुमरी के विधायक जयराम कुमार महतो ने लद्दाख के शिक्षाविद्, वैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया है. उन्होंने 15 जुलाई को वांगचुक को पत्र लिखकर कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दे पर छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठाई जा रही उनकी आवाज महत्वपूर्ण है.
सोनम वांगचुक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 17 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं. जयराम महतो ने पत्र में वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई और कहा कि 59 वर्ष की उम्र में लंबे समय से अनशन पर बैठे होने के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से अब तक बातचीत की कोई पहल नहीं की गई है.
जयराम महतो ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की ओर से आयोजित नीट परीक्षा में अनियमितताओं, पेपर लीक और सॉल्वर गैंग की गतिविधियों ने लाखों छात्रों का भरोसा तोड़ा है. उन्होंने कहा कि इस विवाद के बाद 3 मई को हुई परीक्षा रद्द करनी पड़ी.
उन्होंने झारखंड के हजारीबाग स्थित ओएसिस स्कूल से जुड़े पेपर लीक मामले का भी जिक्र किया. कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था और सीबीआई जांच में 45 आरोपियों और 144 ऐसे लोगों की पहचान हुई थी, जिन्हें लीक हुए उत्तर उपलब्ध कराए गए थे.
जयराम महतो ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी, परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा कराने जैसे फैसलों का सबसे ज्यादा असर छात्रों पर पड़ा है. उन्होंने दावा किया कि इन परिस्थितियों के कारण कई छात्रों ने मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या जैसा कदम उठाया. उन्होंने कहा कि कई छात्रों ने अपने सुसाइड नोट में दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं होने की बात लिखी थी.
उन्होंने कहा कि मध्यमवर्गीय और गरीब परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई और कोचिंग पर बड़ी रकम खर्च करते हैं. ऐसे में परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी होने पर छात्रों और उनके परिवारों पर मानसिक और आर्थिक दबाव बढ़ जाता है. अपने पत्र के अंत में जयराम महतो ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार जल्द ही इस मुद्दे पर बातचीत शुरू करेगी और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी और स्थायी समाधान निकालेगी.
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