Ranchi: झारखंड की राज्यसभा सियासत में इन दिनों एक ही सवाल गूंज रहा है जयराम महतो किसके साथ जाएंगे? दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं और जेएलकेएम सुप्रीमो जयराम महतो के पास सिर्फ एक वोट है, लेकिन यही एक वोट इस चुनाव की तस्वीर पलट सकता है.
जयराम महतो ने साफ कर दिया है कि उनका समर्थन किसी गठबंधन की मजबूरी से नहीं, बल्कि शर्तों पर मिलेगा. उन्होंने कहा है कि जो उम्मीदवार उन्हें और उनके क्षेत्र की जनता को विकास का भरोसा देगा, वोट उसी की झोली में जाएगा. सीधे शब्दों में, पहले गारंटी, फिर वोट.
चर्चाओं के बाजार में निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी का नाम सबसे आगे है. जयराम महतो ने नाथवानी के अनुभव और राज्य की राजनीति में उनकी पकड़ का जिक्र करते हुए उनके प्रति नरमी के संकेत दिए हैं. उन्होंने माना कि उम्मीदवारों के समर्थकों ने संपर्क किया है और भविष्य में साथ काम करने का प्रस्ताव रखा है.
इस बीच जयराम महतो ने सरकार पर भी जमकर हमला बोला. उन्होंने कोयला और बालू के अवैध उत्खनन की जिम्मेदारी सीधे सरकार के सिर फोड़ा और कहा कि सरकारी खजाने का पैसा निजी जेबों में जा रहा है. सरकारी कर्मचारियों के वेतन में देरी और बढ़ते आर्थिक संकट पर भी उन्होंने चिंता जताई. अब सबकी नजरें 18 तारीख पर टिकी हैं. जयराम महतो का यह एक वोट किसकी नैया पार लगाएगा, यह देखना बाकी है.
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