West Bengal : भारतीय घरेलू क्रिकेट में जम्मू-कश्मीर ने इतिहास रच दिया. रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में बंगाल को 6 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बुना ली. जम्मू-कश्मीर की टीम ने 67 साल में पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई है. यह मैच बंगाल क्रिकेट अकादमी ग्राउंड, कल्याणी में खेला गया.
जम्मू-कश्मीर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था. जम्मू-कश्मीर को बंगाल के खिलाफ जीत के लिए 126 रन की जरूरत थी. जम्मू-कश्मीर ने 4 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया. वंशराज शर्मा 43 और अब्दुल समद 30 रन बनाकर नाबाद रहे.
दोनों के बीच 55 रन की नाबाद साझेदारी हुई. बंगाल की टीम ने सुदीप कुमार के 146, कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन के 49, शहबाज अहमद के 42 और सुमंता गु्प्ता के 39 रन की बदौलत पहली पारी में 328 रन बनाए थे.
जम्मू-कश्मीर के लिए आकिब नबी ने 5, सुनील कुमार ने 3, जबकि युदवीर सिंह और आबिद मुश्ताक ने 1-1 विकेट लिए. जम्मू-कश्मीर की पहली पारी 302 रन पर सिमटी थी. अब्दुल समद ने सर्वाधिक 82 रन बनाए थे. कप्तान पारस डोगरा ने 58, और आकिब नबी ने 42 रन बनाए थे. युदवीर सिंह ने भी 22 रन की पारी खेली थी.
बंगाल के लिए मोहम्मद शमी ने 8 और मुकेश कुमार ने 2 विकेट लिए थे. पहली पारी में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ 26 रन की महत्वपूर्ण बढ़त लेने वाली बंगाल की टीम दूसरी पारी में महज 99 रन पर सिमट गई.
जम्मू-कश्मीर के लिए आकिब नबी और सुनील कुमार ने 4-4 विकेट लिए, जबकि आबिद मुश्ताक ने 2 विकेट लिए.
जीत के लिए 126 रन के लक्ष्य को जम्मू-कश्मीर ने 6 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया. मैच में 9 विकेट लेने के साथ 42 रन बनाने वाले जम्मू-कश्मीर के आकिब नबी प्लेयर ऑफ द मैच रहे.
जम्मू-कश्मीर 2013-14 सीजन में एक दशक बाद पहली बार नॉकआउट में पहुंचा था, लेकिन तब भी खिताबी रेस दूर थी. इस बार टीम ने न सिर्फ नॉकआउट पार किया, बल्कि फाइनल में प्रवेश कर यह साबित कर दिया कि अब उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता.
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