Search

 
 
 

Jamshedpur : MGM मेडिकल कॉलेज में 5 नए डॉक्टरों की होगी तैनाती, शिशु रोग विभाग को मिलेगी राहत

Jamshedpur: जमशेदपुर डिमना चौक स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में जल्द ही पांच डॉक्टरों के योगदान की प्रक्रिया पूरी होने वाली है. इनमें चार चिकित्सक कॉलेज में योगदान कर चुके हैं, जबकि फिजियोलॉजी विभाग की सह प्राध्यापक डॉ पूनम मेहता प्रशिक्षण में होने के कारण अभी योगदान नहीं दे पाई हैं.
 
लोह नगरी जमशेदपुर की खबरें

Jamshedpur: जमशेदपुर डिमना चौक स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में जल्द ही पांच डॉक्टरों के योगदान की प्रक्रिया पूरी होने वाली है. इनमें चार चिकित्सक कॉलेज में योगदान कर चुके हैं, जबकि फिजियोलॉजी विभाग की सह प्राध्यापक डॉ पूनम मेहता प्रशिक्षण में होने के कारण अभी योगदान नहीं दे पाई हैं.

 

प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद उनके अगले सप्ताह कॉलेज पहुंचकर योगदान करने की संभावना है. नए डॉक्टरों की नियुक्ति से मेडिकल कॉलेज के कई विभागों में शैक्षणिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है. इसका सीधा लाभ पीजी छात्रों की पढ़ाई और अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों को भी मिलने की संभावना है.


शिशु रोग विभाग में शिक्षक की कमी का संकट टला

नए योगदान में सबसे अहम डॉ विनीता नैंसी खलखो की नियुक्ति मानी जा रही है. उन्होंने शिशु रोग विभाग में सह प्राध्यापक के तौर पर जिम्मेदारी संभाली है. इस विभाग में वर्तमान में प्रोफेसर डॉ केके चौधरी एकमात्र प्रोफेसर हैं और उनका जल्द सेवानिवृत्त होना प्रस्तावित है. ऐसे में उनके रिटायरमेंट के बाद विभाग में स्थायी शिक्षकों की संख्या प्रभावित होने की आशंका थी.

 

इसका असर पीजी छात्रों की पढ़ाई और पीजी सीटों की मान्यता पर भी पड़ सकता था. डॉ खलखो के योगदान से विभाग को एक अनुभवी शिक्षक मिला है. इससे शैक्षणिक व्यवस्था को बनाए रखने के साथ पीजी सीटों की मान्यता से जुड़ी चिंता भी कम होने की उम्मीद है. अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को भी इससे सहारा मिलेगा.


पैथोलॉजी और ऑर्थोपेडिक्स में भी नए डॉक्टर

पैथोलॉजी विभाग में सह प्राध्यापक डॉ बुधन बैठा ने योगदान कर लिया है. वहीं, हड्डी रोग विभाग में डॉ आदित्य कुमार झा की नियुक्ति हुई है. हड्डी रोग विभाग में एक चिकित्सक के तबादले के बाद डॉक्टरों की संख्या कम हो गई थी. नए चिकित्सक के आने से विभाग में मरीजों के उपचार और पीजी छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू रखने में मदद मिलेगी.


फार्माकोलॉजी विभाग को भी मिला शिक्षक

फार्माकोलॉजी विभाग में सहायक प्राध्यापक आकाश चन्द्रा ने भी एमजीएम मेडिकल कॉलेज में योगदान कर लिया है. उनके आने से विभाग की शिक्षण व्यवस्था को अतिरिक्त सहयोग मिलेगा. फिजियोलॉजी विभाग में सह प्राध्यापक डॉ पूनम मेहता की नियुक्ति भी हुई है. हालांकि, वर्तमान में प्रशिक्षण में शामिल होने के कारण उनका योगदान नहीं हो सका है. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अगले सप्ताह उनके कॉलेज में योगदान करने की उम्मीद है.


मरीजों के इलाज और पीजी पढ़ाई को मिलेगा फायदा

पांचों डॉक्टरों के योगदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक कम होने की संभावना है. इससे एक ओर पीजी छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने से बचेगी.

 

वहीं, दूसरी ओर एमजीएम अस्पताल में मरीजों को संबंधित विभागों की विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी. खास तौर पर शिशु रोग विभाग में डॉ विनीता नैंसी खलखो के योगदान से विभाग में शिक्षक उपलब्धता को लेकर बनी स्थिति संभलने की उम्मीद है.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही