Jamshedpur: संजीव सिंह हत्याकांड मामले में कोर्ट ने दोषी दुबराज नाग और मृतक के चचेरे भाई जितेंद्र सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. दोनों दोषियों को अपनी अंतिम सांस तक जेल में रहना होगा. साथ ही कोर्ट ने दोनों दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. करीब 10 साल बाद कोर्ट ने मामले में दोषियों को सजा सुनाया है.
13 लोगों की हुई गवाही
मामले में 13 लोगों की गवाही हुई. हालांकि, साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने 6 आरोपी मंगल टुडू, मोहन कच्छप, मिथुन चक्रवर्ती, चित्रु सरदार, डोमनिक सैमसंग और सरफुद्दीन को बरी दिया है. इसी महीने कोर्ट ने दोनों को दोषी करार दिया था. कोर्ट में अभियोजन की ओर से सीनियर पब्लिक प्रोसेक्यूटर वीरेंद्र कुमार ने सरकार का पक्ष रखा.
क्या है पूरा मामला
जमशेदपुर के गोविंदपुर क्षेत्र में 12 मई 2016 को जोजोबेड़ा रेलवे फाटक के पास जमीन विवाद में दिनदहाड़े संजीव सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उस दिन सुबह करीब 9 बजे संजीव सिंह अपनी गाड़ी से सोपोडेरा से टेल्को की ओर जा रहे थे. रास्ते में जोजोबेड़ा रेलवे फाटक बंद होने के कारण वे वहां रुके. इसी दौरान पहले से घात लगाए अपराधियों ने उनपर फिल्मी अंदाज में ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. जिससे उनकी मौत हो गई थी.
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