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Jamshedpur : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी विद्यालय को 10+2 के रूप में उत्क्रमित कराया जाएगा : सरयू

सरयू राय ने कहा कि इस विद्यालय में 500 बच्चे हैं, जो यहां शिक्षा ग्रहण करते हैं. इनमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्म, जाति के बच्चे हैं. यह विद्यालय महात्मा गांधी के नाम पर है. इसलिए इसमें पठन-पाठन गांधी जी के विचारों के अनुरूप हो तो बेहतर होगा.
 
सरयू राय का अभिनंदन करतीं विद्यालय की प्राचार्य.

Vishwajeet Bhatt 

Jamshedpur : जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने कहा कि वे प्रयास करेंगे कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी उत्क्रमित विद्यालय, मानगो 10 प्लस 2 विद्यालय के रूप में उत्क्रमित हो जाए. उन्होंने विद्यालय प्रबंधन की मांग पर उन्हें आश्वस्त किया कि विद्यालय में चहारदीवारी बना दी जाएगी. आप लोग लिखित आवेदन दें.

पठन-पाठन गांधी जी के विचारों के अनुरूप हो तो बेहतर

यहां विद्यालय प्रबंधन द्वारा अपने स्वागत समारोह के बाद सरयू राय ने कहा कि इस विद्यालय में 500 बच्चे हैं, जो यहां शिक्षा ग्रहण करते हैं. इनमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्म, जाति के बच्चे हैं. यह विद्यालय महात्मा गांधी के नाम पर है. इसलिए इसमें पठन-पाठन गांधी जी के विचारों के अनुरूप हो तो बेहतर होगा. सरयू ने कहा कि विद्यालय के सामने एक दोमंजिला भवन उन्होंने बनवाया था. इस भवन को बनवाने के पीछे महात्मा गांधी के नाम पर एक ऐसा संग्रहालय बनवाना मूल उद्देश्य था, जिसमें महात्मा गांधी के बचपन से लेकर दक्षिण अफ्रीका जाने तक और देश की आजादी की लड़ाई में उनके वृहत्तर योगदान तक का विस्तार से जिक्र हो. जो भी गांधी संग्रहालय में आए, वह महात्मा गांधी के प्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम और वैष्ण जन को तेने कहिए आदि सुने. भावना यह थी कि गांधी संग्रहालय एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन बने ताकि जो लोग भी जमशेदपुर आते हैं, वो यहां आएं तो गांधी जी के विचारों को समझें. दुर्भाग्यवश, उस भवन में नगर निगम ने अपना कार्यालय खोल दिया है. प्रयास होगा कि नगर निगम अपना कार्यालय अन्यत्र बनाए. उस भवन को गांधी संग्रहालय के रूप में ही इस्तेमाल किया जाए.

निजी विद्यालयों जैसे यहां भी पीटीएम

सरयू राय ने कहा कि जैसे निजी विद्यालयों में पीटीएम (पैरेंटस-टीचर मीटिंग) होती है, उसी प्रकार इस विद्यालय में भी पीटीएम हो. महीना-दो महीना में अभिभावक और शिक्षक बैठें और बात करें. जो विद्यार्थी अलग-अलग घरों से आते हैं, उनके घरों की स्थिति क्या है, यह भी जानकारी ली जाए. बच्चे गांधी जी के पर्यावरण, स्वच्छता आदि के बारे में जो सीखते हैं, उसे अपने घर-परिवार-मोहल्लों में भी लागू करवाने की चेष्टा करें. उन्होंने कहा कि इस विद्यालय को सशक्त महात्मा गांधी के प्रतीक के रूप में विकसित किया जाए. प्रयास होगा कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी न हो, अपनी चहारदीवारी हो जाए, अपना एक परिसर हो जाए. विद्यालय में पढ़ाई कैसी हो रही है, परिणाम कैसा आ रहा है, इस पर भी नजर रखी जाएगी. इसके पूर्व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी उत्क्रमित विद्यालय, मानगो के अध्यक्ष नूर अहमद, प्रधानाध्यापिका फिरदौस बानो और प्रबंधन समिति के सदस्यों ने सरयू राय का अभिनंदन किया.

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