Jamshedpur : झारखंड में हर साल पांच हजार से अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और तीन हजार से अधिक लोगों की मौतें होती हैं. दुघर्टना में अधिकांश मौतें युवाओं की हो रही है. इसको लेकर सरकार संवेदनशील है. सरकार ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए ही झारखंड गुड समरितन पॉलिसी लागू की है, ताकि सड़क हादसे में घायलों की मदद के लिए लोग आगे आएं और किसी के जीवन की रक्षा हो सके. अब सरकार घायलों को अस्पताल पहुंचाने वालों को प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित भी करेगी. उक्त बातें सिविल कोर्ट के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी प्रशांत कुमार ने कही. वे रविवार को एमजीएम मेडिकल अस्पताल में गुड समरितन पॉलिसी एवं विक्टिम कंपनसेशन स्कीम को लेकर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इसे भी पढ़ें : चाईबासा:">https://lagatar.in/chaibasa-student-leader-sanatan-pinguwa-objected-to-the-songs-of-tapa-tap-album-said-keep-in-mind-the-language-limit/">चाईबासा:
सनातन पिंगुवा ने “टापा टप एल्बम” के गानों पर जताई आपत्ति, कहा- भाषा की मर्यादा का रखें ध्यान उन्होंने कहा कि झारखंड में गुड समरितन (नेक दिल आदमी) पॉलिसी-2020, फरवरी 2021 में लागू की गयी है. इसका मकसद सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को गोल्डेन आवर (प्रथम 60 मिनट) में अस्पताल तक पहुंचाने वाले मददगारों को सम्मान के साथ आर्थिक लाभ देना है. इससे घायलों की समय रहते जान बचाने में सफलता मिल सके. इस कार्य में अब कोई भी आम आदमी गुड समरितन की भूमिका निभा सकता है. इसके एवज में मदद करने वालों को सम्मान स्वरूप प्रोत्साहन राशि देने के साथ पुलिस द्वारा परेशान नहीं करने का प्रावधान किया गया है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-rain-started-in-many-areas-of-the-city-temperature-reached-2-8-degrees-below-normal/">जमशेदपुर
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alt="" width="360" height="180" /> उक्त पॉलिसी में इस बात का प्रावधान किया गया है कि पुलिस घायलों के मददगारों को परेशान नहीं करेगी. साथ ही दुर्घटना से संबंधित जानकारी लेने की स्थिति में पुलिस को हर पूछताछ के लिए मदद करने वाले नेक नागरिक के बैंक एकाउंट में एक हजार रुपये डालने होंगे. यदि गवाह बनने के बाद वह व्यक्ति कोर्ट जाता है, तो हर सुनवाई पर उस व्यक्ति के एकाउंट में एक हजार रुपये मिलेंगे. सरकारी कर्मी और जन प्रतिनिधियों पर भी सड़क दुर्घटना में घायलों को मदद करने की जिम्मेदारी होगी.
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सनातन पिंगुवा ने “टापा टप एल्बम” के गानों पर जताई आपत्ति, कहा- भाषा की मर्यादा का रखें ध्यान उन्होंने कहा कि झारखंड में गुड समरितन (नेक दिल आदमी) पॉलिसी-2020, फरवरी 2021 में लागू की गयी है. इसका मकसद सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को गोल्डेन आवर (प्रथम 60 मिनट) में अस्पताल तक पहुंचाने वाले मददगारों को सम्मान के साथ आर्थिक लाभ देना है. इससे घायलों की समय रहते जान बचाने में सफलता मिल सके. इस कार्य में अब कोई भी आम आदमी गुड समरितन की भूमिका निभा सकता है. इसके एवज में मदद करने वालों को सम्मान स्वरूप प्रोत्साहन राशि देने के साथ पुलिस द्वारा परेशान नहीं करने का प्रावधान किया गया है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-rain-started-in-many-areas-of-the-city-temperature-reached-2-8-degrees-below-normal/">जमशेदपुर
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घायलों के मददगारों को पुलिस नहीं करेगी परेशान
alt="" width="360" height="180" /> उक्त पॉलिसी में इस बात का प्रावधान किया गया है कि पुलिस घायलों के मददगारों को परेशान नहीं करेगी. साथ ही दुर्घटना से संबंधित जानकारी लेने की स्थिति में पुलिस को हर पूछताछ के लिए मदद करने वाले नेक नागरिक के बैंक एकाउंट में एक हजार रुपये डालने होंगे. यदि गवाह बनने के बाद वह व्यक्ति कोर्ट जाता है, तो हर सुनवाई पर उस व्यक्ति के एकाउंट में एक हजार रुपये मिलेंगे. सरकारी कर्मी और जन प्रतिनिधियों पर भी सड़क दुर्घटना में घायलों को मदद करने की जिम्मेदारी होगी.
गोल्डेन आवर में घायल को अस्पताल पहुंचाने पर मददगार मिलेंगे दो हजार
प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि दो से अधिक लोग किसी घायल को अगर अस्पताल पहुंचाते हैं, तो सरकार पांच हजार रुपये देगी, उक्त राशि सभी के बीच समान रूप से बांटी जायेगी. मददगार द्वारा मरीज को अस्पताल में पहुंचाने के बाद उन्हें अनावश्यक रोका नहीं जायेगा. अस्पताल के कर्मी भी उनसे पूछताछ नहीं कर सकते. सवाल जवाब के क्रम में पुलिस द्वारा संज्ञान नही लिया जायेगा. वहीं गवाही के लिए विशेष परिस्थिति में ही मददगार व्यक्ति को सम्मन भेजा जा सकेगा. इसे भी पढ़ें : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-mla-reached-the-funeral-of-the-deceased-in-a-road-accident-in-chilgu/">चांडिल: चिलगु में सड़क दुर्घटना में मृतक के श्राद्धकर्म में पहुंची विधायक
हत्या एवं गैंगरेप पीड़िता को मिलेगा 10 लाख रुपये मुआवजा
विधिक जागरुकता कार्यक्रम में विक्टिम कंपनसेशन स्कीम की जानकारी देते हुए प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी आदित्या ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विक्टिम कंपनसेशन स्कीम के तहत मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी की गई है. इसके तहत हत्या एवं गैंगरेप पीड़िता को 10 लाख रुपए तक मुआवजा दिया जा सकेगा. इसी तरह दुष्कर्म और अप्राकृतिक यौनाचार पीड़ितों को अब 7 लाख रुपये तक मुआवजा दिया जा सकेगा. अंग भंग होने पर 4 लाख, 20 प्रतिशत दिव्यांग होने पर 2 लाख रुपए, गंभीर चोट इत्यादि पर दो लाख रुपए तक मुआवजा दिया जा सकेगा. पहले यह राशि एक लाख रुपए थी. इसी तरह गर्भपात होने पर 3 लाख रुपए, एसिड अटैक में 8 लाख रुपए तक का मुआवजा राशि तय किया गया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद झारखंड सरकार में मुआवजे की राशि में बढ़ोतरी की अधिसूचना 30 जुलाई 2019 से प्रभावी है. अधिसूचना के द्वारा झारखंड पीड़ित प्रतिकर (संशोधन) स्कीम 2019 को लागू किया गया है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-plantation-done-in-kadma-biodiversity-park-on-international-biodiversity-day/">जमशेदपुर: अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कदमा बायोडायवर्सिटी पार्क में किया पौधरोपण
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